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MP: पुलिसवाला न होता तो छूट जाता पेपर, चार KM दूर गलत सेंटर पहुंचे छात्र को पांच मिनट में सही केंद्र पहुंचाया

Thu, 19 Feb 2026 07:05 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर में परीक्षा देने आए छात्र को गलत केंद्र पहुंचने पर आरक्षक राजेश सिंह बागरी ने बाइक से 5 मिनट में 4 किमी दूर सही केंद्र पहुंचाया। छात्र समय पर परीक्षा दे सका। पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने मानवीय पहल और तत्परता के लिए आरक्षक को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।
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छतरपुर में पुलिस की मदद से परीक्षा दे सका छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के छतरपुर में बीते दिनों पुलिस की मानवीय पहल का मामला सामने आया। एक आरक्षक ने गलत केंद्र पहुंचे छात्र की मदद की और सही समय पर उसे सही केंद्र पर पहुंचाने में मदद की। इसके बाद ही छात्र परीक्षा दे सका। आऱक्षक के काम की सभी तरफ प्रशंसा हो रही है। पुलिस कप्तान ने भी उसे पुरस्कृत किया है।
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जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश, भोपाल की हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी परीक्षा (फरवरी–मार्च 2026) के दौरान मंगलवार सुबह एक छात्र गलती से शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उमावि, छतरपुर (केंद्र क्रमांक 221003) पहुंच गया। सर्चिंग के समय पता चला कि उसका असली परीक्षा केंद्र यहां से करीब 4 किलोमीटर दूर है और पेपर शुरू होने में केवल 5 मिनट शेष हैं। साधन न होने से छात्र घबरा गया और रोने लगा कि यदि पेपर छूट गया तो उसका साल खराब हो जाएगा।

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पांच मिनट में चार किमी तक पहुंचाया
स्थिति की नजाकत समझते हुए सिटी कोतवाली में पदस्थ आरक्षक राजेश सिंह बागरी ने तुरंत निर्णय लिया। उन्होंने अपनी ड्यूटी साथी महिला आरक्षक को संभालने को कहा और छात्र को बाइक पर बैठाकर तेजी से सही केंद्र के लिए रवाना हुए। सुबह ट्रैफिक कम होने का फायदा मिला और वे करीब पांच मिनट में 4 किमी की दूरी तय कर छात्र को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाकर प्रवेश दिला सके। छात्र ने समय पर परीक्षा दी।

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मैंने सिर्फ फर्ज निभाया
आरक्षक राजेश सिंह बागरी ने बताया कि बच्चे की हालत और मजबूरी देखकर यही लगा कि पहले उसका भविष्य बचाना जरूरी है। मैंने सिर्फ अपना फर्ज निभाया। सहायक केंद्राध्यक्ष सरिता चौरसिया ने बताया कि ड्यूटी के कारण स्कूल स्टाफ बाहर नहीं जा सकता था, ऐसे में गेट पर तैनात आरक्षक ने मानवीय पहल की, जिस पर सभी की सहमति रही।

एसपी ने किया पुरुष्कृत
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक राजेश सिंह बागरी द्वारा तत्परता दिखाई और तत्काल मोटरसाइकिल की व्यवस्था कर बच्चे को समय पर उसके केंद्र पर पहुंचाया गया। पुलिस की इस संवेदनशील एवं मानवीय कार्यवाही से छात्र समय पर अपनी परीक्षा में सम्मिलित हो सका। इस त्वरित एवं सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा प्रधान आरक्षक राजेश सिंह बागरी को नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। उक्त पुरस्कार उनकी सेवा पुस्तिका में भी अंकित किया जाएगा।
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