जिले में लगातार हो रही बारिश अब हादसों का कारण बनने लगी है। अलग-अलग स्थानों पर मकान और दीवार गिरने की दो घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों में दो बुजुर्गों की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चे घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेत जाते समय बुजुर्ग पर गिरी जर्जर दीवार
गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र के सिंदूरकी गांव में गुरुवार को एक जर्जर मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में 70 वर्षीय लक्ष्मी प्रसाद राजपूत की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चे मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए।
थाना प्रभारी ओशो गुप्ता ने बताया कि लक्ष्मी प्रसाद खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुराने और कमजोर मकान की दीवार ढह गई। मलबे में बुजुर्ग समेत तीन बच्चे दब गए। हादसा होते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला।
हादसे में 10 वर्षीय धीरेन्द्र राजपूत, पिता राममिलन राजपूत, का पैर टूट गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो अन्य बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। लक्ष्मी प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर गढ़ी मलहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजावर में सो रही 90 वर्षीय वृद्धा पर गिरा कच्चा मकान
इसी तरह गुरुवार को बिजावर थाना क्षेत्र के धरमपुरा पहलेपुरा गांव में कच्चा मकान ढहने से 90 वर्षीय कालिया बाई बिन्दुआ की मौत हो गई। बताया गया कि कालिया बाई घर में सो रही थीं। इसी दौरान मकान अचानक भरभराकर गिर गया और वह मलबे में दब गईं।
पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण कच्चे मकान कमजोर हो गए हैं, जिसके चलते यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लगातार बारिश के बीच जिले में कच्चे और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को बारिश के दौरान पुराने और कमजोर भवनों से दूर रहने की जरूरत है।