फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: इस गांव में एक साल से नहीं है बिजली, लोगों ने वर्षगांठ मनाकर जताया विरोध, कहा- चुनाव में हमारी बारी

Fri, 09 Jun 2023 05:25 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम सुकरयाल में एक साल बिन बिजली के गुजर गया है। यहां के लोगों ने गुरुवार को इस बात की वर्षगांठ मनाकर विरोध जताया। साथ ही चुनाव बहिष्कार की बात भी कही है। 
विज्ञापन
छतरपुर के गांव सुकरयाल में एक साल बिन बिजली के गुजर गया। लोगों ने वर्षगांंठ बनाकर विरोध जताया है। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगर हम कहें कि एक साल से किसी गांव में बिजली नहीं है तो क्या आप विश्वास करेंगे। ये बात सच है, और मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम सुकरयाल में ऐसा हुआ है। गुरुवार को पूरा एक साल बिन बिजली के गुजर गया है। यहां के लोगों ने इस बात की वर्षगांठ मनाकर विरोध जताया साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर अगले 10 दिनों में बिजली नहीं आती है तो चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा साथ ही उग्र आंदोलन होगा। 
विज्ञापन


बता दें कि छतरपुर जिले के बड़ामलहरा अनुविभाग के ग्राम सुकरयाल के ग्रामीण पिछले एक साल से अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। करीब एक साल पहले गांव से उठवाया गया ट्रांसफार्मर दोबारा नहीं लग सका। इस समस्या की ओर न तो विभाग के अधिकारियों ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने। मामला अब इसलिए सुर्खियों में आया, क्योंकि ग्रामीणों ने इस समस्या की वर्षगांठ मनाई। सुकरयाल के ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व वे वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे थे जिसकी शिकायत विभाग में की गई। कुछ समय बाद ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह खराब हो गया, जिसकी शिकायत दोबारा की गई। इसके बाद विभाग ने ट्रांसफॉर्मर को गांव से उठवा लिया और आज तक दोबारा ट्रांसफॉर्मर नहीं लग सका है। 

बिजली के तार तक हो गए चोरी
बिजली गुल रहने के कारण विद्युत के तार भी धीरे-धीरे चोरी हो गए। हालात यह हैं कि गांव में अब केवल खंभे हैं। बीते रोज ग्रामीणों ने एकत्र होकर इस समस्या की वर्षगांठ मनाकर नारेबाजी की और कहा कि यदि अगले 10 दिन में समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो आने वाले चुनाव में वे किसी को भी वोट नहीं देंगे। इस मौके पर गांव के युवा नेता जीतेंद्र सिंह, खलक सिंह लोधी, दयाराम लोधी, झल्लू लोधी, नंदू लोधी, रामकिशन लोधी, भग्गू आदिवासी, अखिलेश लोधी, महेश विश्वकर्मा, हरदयाल लोधी, राजेंद्र लोधी, लखन विश्वकर्मा, धम्मू प्रजापति, रमेश विश्वकर्मा, कमलू लोधी, कड़ोरी लोधी सहित तमाम ग्रामवासी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें