बच्ची को बचाने के लिए बोरवेल के पास ही गड्ढा खोदा गया।
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पुलिस का कहना है कि छतरपुर जिले के थाना बिजावर में तीन साल की बच्ची नैंसी विश्वकर्मा बोरवेल के खुले गड्ढे में गिर गई है। सूचना मिलते ही बचाव के लिए संसाधन जुटाए गए। बच्ची के पिता का नाम रवि विश्वकर्मा और माता का नाम रोहणी विश्वकर्मा बताया गया है। जिस खेत में बोरवेल वो लटोरिया जी का बताया जा रहा है।
कैसे गिरी बच्ची
बताया जा रहा है कि गांव के लटोरिया परिवार की खेती की जमीन पर इसी गांव के रवि विश्वकर्मा और उसकी पत्नी रोहिणी विश्वकर्मा अन्य मजदूरों के साथ मजदूरी कर मटर बीन रहे थे। समीप ही उसकी छोटी बेटी नैंसी विश्वकर्मा (3) खेल रही थी। वहीं पर एक बोर था। जो चारे आदि से ढंका हुआ था। नैंसी इसी बोर के पास लगे रेत के ढेर पर खेलते-खेलते बोर में गिर गई। थोड़ी देर बाद जब बच्ची नहीं दिखी तो परिजनों ने खोजबीन की। उन्हें बोरबेल से बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी जिसके बाद रवि विश्वकर्मा एवं गांव के लोगों स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
बच्ची के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई।
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परिजनों से बात करती रही
एसडीएम राहुल सिलाडिया, एसडीओपी रघु केसरी सहित आधा दर्जन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके अलावा चार जेसीबी मशीन, दो एंबुलेंस ,आधा दर्जन ट्रैक्टर आदि मशीनी उपकरणों से बोर के पैरालल गड्ढा खोदा गया। नैंसी करीब 30 फुट गहरे फंसी हुई थी, वह अपने परिजनों से बात कर रही थी। मौके पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथी बोर में कैमरा डालने की व्यवस्था की गई। चार घंटे की कोशिश सफल रही और बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा पूरे समय मौके पर रहे।
सीएम ने दी बधाई
बच्ची के सुरक्षित निकलने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत खुशी की बात है कि छतरपुर जिले के ललगुवां गांव में बोरवेल में गिरी बेटी को सकुशल निकाल लिया गया है। इसमें सहयोग करने वाले जिला प्रशासन के सभी साथियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। बेटी को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। बेटी शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हो, यही प्रार्थना करता हूं। सीएम ने बच्ची के परिजनों से भी बात की।
बोरवेल के पास गड्ढा खोदा गया।
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