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अंधविश्वास बना काल: अस्पताल की जगह झाड़-फूंक कराते रहे परिजन, सांप के डसने के 24 घंटे बाद बुजुर्ग की मौत

Sat, 04 Jul 2026 03:03 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर के नौगांव क्षेत्र में जहरीले सांप के काटने के बाद 71 वर्षीय बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन 24 घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने समय पर इलाज की अपील की।

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बुजुर्ग की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में अंधविश्वास के चलते एक 71 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। टरिया कुशवाहा को जहरीले सांप ने काट लिया था, लेकिन परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय करीब 24 घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर झाड़-फूंक कराते रहे। हालत गंभीर होने पर जब उन्हें जिला अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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परिजनों के अनुसार, गुरुवार रात टरिया कुशवाहा अपने खेत पर बने मकान की दुगई में सो रहे थे। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया। होश आने पर उन्होंने खुद परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय ग्राम सिमरदा ले गए, जहां झाड़-फूंक कराई गई। वहां राहत नहीं मिलने पर अन्य जगहों पर भी झाड़-फूंक का सहारा लिया गया।

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करीब 24 घंटे तक इलाज के बजाय झाड़-फूंक कराने के बाद जब उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी, तब परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
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डॉक्टर की अपील
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. राजकुमार अवस्थी ने बताया कि बारिश के मौसम में सांप समेत अन्य जहरीले जीव-जंतु अधिक निकलते हैं। ऐसे मामलों में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के भरोसे समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचाएं। समय पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) और आवश्यक उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टर ने कहा कि इस मामले में भी यदि मरीज को समय रहते अस्पताल लाया जाता, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी अधिक थी।

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