छतरपुर स्थित खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के साथ महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
सीएम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि महिलाओं को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर, खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत 2 वर्ष में हुए कार्यों की समीक्षा की। वन उपज का लाभ सीधे राज्य के ही श्रमिकों को मिले, इस दिशा में राज्य सरकार निरंतर क्रियाशील है।
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सरकार ने दो वर्षों की ये प्रमुख उपलब्धियां बताई
- राष्ट्रीय स्तर पर Ease of Doing Business की रैंकिंग में मध्यप्रदेश अग्रणी।
- उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की 3 नई नीतियां लागू।
- महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति।
- ₹2.48 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के लिए भूमि आवंटन पूर्ण, लगभग 2.85 लाख रोजगार का सृजन।
- उद्योगों के विस्तार हेतु ₹4,977 करोड़ की सहायता और सुविधाएं वितरित।
- 327 MSMEs और वृहद इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ, 40,516 रोजगार का सृजन।
- ₹18,685 करोड़ के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत, 21,835 रोजगार का सृजन।
- 26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर स्वीकृत।
- 873 हेक्टेयर भूमि पर धार के PM MITRA Park में कार्य प्रारंभ।
- 5,772 बेड क्षमता के 4 वर्किंग वुमन हॉस्टल स्वीकृत।
- 5 नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में व्यापार विस्तार कार्यालय की स्थापना।
- हर जिला कलेक्टर कार्यालय में निवेश केंद्र की स्थापना।
'एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31 प्रतिशत की ग्रोथ'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच इस तरह से प्रचारित और प्रस्तुत करें, जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों। व्यापक निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। उन्होंने उद्योग वर्ष के समापन पर इस माह के अंत तक ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाईयों के भूमिपूजन औद्योगिक भूखंड आवंटन, शुभारंभ आदि का व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31 प्रतिशत की ग्रोथ पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पिछले दो वर्ष में छोटे उद्योगों के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शानदार वातावरण का उदाहरण बताया। उन्होंने फुड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को भी एमएसएमई से जोड़ने के लिए कहा है।
'इकाईयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई'
सीएम ने कहा कि प्रदेश में इस अवधि में कई लाख करोड़ का निवेश आया है और नवीन औद्योगिक इकाईयों का भूमिपूजन और शुभारंभ हुआ है। एमएसएमई इकाईयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने 2019 से उद्यमों के लिए लंबित प्रोत्साहन राशि के संपूर्ण भुगतान को ऐतिहासिक बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के समापन पर यह विभाग की जिम्मेदारी है कि वे पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इन उपलब्धियों का मीडिया को भी मौके पर निरीक्षण कराए, जिससे निवेश और रोजगार में हुए कार्य पूरे देश में प्रचारित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित बड़े शहरों में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क के विकास कार्यों में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को जोड़े, जिससे मितव्ययता बनी रहे। प्रदेश में एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार, औद्योगिक संरचना के विकास तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.51 लाख विनिर्माण उद्यम ,6,340 से अधिक स्टार्टअप और 3,023 से अधिक महिला स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश में 102 से अधिक इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं। विनिर्माण क्षेत्र में कुल ₹39,600 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ है।
नीतिगत सुधार एवं विभागीय उपलब्धियां
विगत दो वर्षों में विभाग ने नीतिगत सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप के लिए नई नीतियां लागू की गईं। प्रदेश में 116 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया गया। भू-आवंटन एवं अन्य प्रक्रियाओं को फेसलेस ऑनलाइन माध्यम से समयबद्ध सेवा के रूप में लागू किया गया। वित्तीय सहायता के अंतर्गत 4,065 इकाइयों को ₹2,780.44 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। 220 सहायता प्रकरणों का राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा निराकरण किया गया।
औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार
समीक्षा बैठक में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 1,240 भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए, 13 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 14 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य प्रगति पर है। निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। विभाग द्वारा पहली बार गोविंदपुरा, भोपाल में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया है।
वित्तीय समावेशन एवं उद्यम क्रांति योजना
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 15,838 युवाओं को लाभान्वित किया गया और ₹1,087.27 करोड़ की ऋण राशि वितरित की गई। प्रदेश की साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य ₹2,45,038 करोड़ के विरुद्ध सितम्बर 2025 तक ₹1,93,872 करोड़ वितरित किए गए, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है। इससे एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय उपलब्धता और उद्यमिता को मजबूती मिली है।
विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण हुआ
एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल द्वारा विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण किया गया। काउंसिल की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित की गई। ODR पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए काउंसिल को वर्ष 2025 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।
निवेश संवर्धन पर बढ़ा मान
समीक्षा बैठक में बताया गया कि GIS 2025 के दौरान प्रदेश को 2,279 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनकी कुल राशि ₹21,000 करोड़ है। इनमें से 729 प्रस्ताव क्रियान्वित हुए हैं, जिनके माध्यम से ₹5,075 करोड़ का वास्तविक निवेश और 21,599 रोजगार सृजित हुए हैं। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मध्य प्रदेश मंडप को वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक तथा 2025 में रजत पदक प्राप्त हुआ।