स्कूल जाकर देखा तो स्कूल पूरी तरह बंद था और चार-पांच आवाज लगाने पर स्कूल की रखवाली करने वाला चौकीदार और उसकी पत्नी गीता तिवारी आए, जो अपनी बीबी और चार बच्चों के साथ स्कूल में ही रहता है। उनका कहना था कि स्कूल टाइम में हमें कोई मतलब नहीं रहता। हम तो सिर्फ चौकीदार हैं और चौकीदारी करते हैं। हमारा काम सिर्फ स्कूल बंद होने से खुलने तक स्कूल की रखवाली/चौकीदारी करना होता है, जिस वक्त गोली चली उस वक्त मैं अपनी बीवी बच्चों के साथ अपने कमरे में था। धायं-धायं की आवाज सुनकर बाहर निकल कर आया तो देखा स्कूल और मैदान में अफरा-तफरी मची हुई है। टीचर और बच्चे यहां वहां भाग रहे हैं, जब वहां जाकर देखा तो पता चला की प्रिंसिपल सर को एक छात्रा ने गोली मार दी है।
चपरासी बोला, मैं नया-नया हूं
चपरासी राहुल वर्मा से बात की तो उसने बताया कि जिस वक्त प्रिंसिपल सर को गोली मारी गई, उस वक्त वह स्कूल के दूसरे हिस्से में थे। दरअसल, परीक्षाएं होने वाली हैं तो उनकी तैयारी में बक्से वगैरा तैयार कर रहा था। गोली की आवाज सुनी तो वह इस तरफ आए तब उन्हें पता चला कि यह घटना घट गई। बाकी उसने साथ चलकर बताया कि आरोपी छात्र इस क्लास में पढ़ता था, जिस क्लास में की आज ताला डाला हुआ है। वहीं, उसी क्लॉस के समीप प्रिंसिपल सर का भी ऑफिस है, जिस पर की ताला पड़ा हुआ है। देखा जाए तो स्कूल की सभी क्लॉसों में ताले पड़े हुए हैं। स्कूल में सिर्फ चौकीदार उसका परिवार और चपरासी मौजूद हैं। वहीं, चपरासी वर्मा का कहना है कि वह अभी नया-नया है, उसे तीन-चार महीने यहां आए हुए हुए हैं। उसकी ड्यूटी इस स्कूल में शुक्रवार और शनिवार की रहती है, जिससे वह बच्चों और स्टॉफ टीचरों से अच्छी तरह परिचित नहीं है और जिस वक्त यह घटना घटी, उस वक्त वह स्कूल के दूसरे हिस्से में था।
हत्या की जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग की
स्कूल में गेट से जैसे ही अंदर प्रवेश किया तो 25-30 कदम चलने के बाद दाएं तरफ मुड़े। जहां स्कूल के बाथरूम थे और जिस बाथरूम में प्रिंसिपल की हत्या की गई, वहां कोने में पेड़ के नीचे था, जिस पर किसी की भी सीधी नजर नहीं जाती थी। बाथरूम के चारो ओर और उसके आसपास के एरिया में पुलिस ने बैरिकेटिंग की हुई है, ताकि वहां कोई और न जा सके। साथ ही प्रतिबंधित कर पुलिस की निगरानी ड्यूटी लगाई हुई है।
स्कूल रहा बंद, बच्चे भी नहीं आए
शुक्रवार को हुई घटना के बाद बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी, जिसके बाद शनिवार को एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया। यहां पता चला कि स्कूल का स्टॉफ तो आया था, जो की दोपहर दो बजे प्रिंसिपल सर की अंत्येष्टि के लिए निकल गया है। आरोपी छात्र क्लास में पढ़ता था। उसे क्लास के वीडियो फोटो भी हमने लिए। जहां उसे क्लास के बाहर लिखा हुआ है Class 12th A, जहां इस क्लास में भी ताला पड़ा हुआ है। इसी क्लास के सामने प्रिंसिपल ऑफिस है। यहां पर भी ताला पड़ा हुआ है। कुल मिलाकर स्कूल के हर क्लॉस हर कमरे में फिलहाल ताला जड़ा हुआ और स्कूल को भारी सुरक्षा के बीच रखा गया है। थाने से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्कूल को 24 घंटे पुलिस की निगरानी में रखा गया है।
स्कूल से आठ किलोमीटर दूर आरोपी छात्र के गांव ढिलापुर पहुंचे
स्कूल से निकलकर अब हम आठ किलोमीटर चलकर उक्त आरोपी यादव के गांव ढिलापुर पहुंचे। जहां गांव के तिगड्डे पर एक दुकान पर बुजुर्ग बैठे थे। उनसे हमने के घर का पता पूछा तो वह खुद बोले कि मेरा नाती है। बोलो क्या बात है तो हमने कहा घर तक जाना है और वह हमें साथ लेकर घर की ओर चल पड़े। घर पहुंचे तो वहां पर सदन यादव की बुआ इमारत यादव (जो कि इसी गांव में ब्याही गई हैं, वह घटना के बाद से यहीं रुकी हुई हैं) निकलकर आईं। उन्होंने बताया कि सदन यादव के माता-पिता (यानी उनके भाई और भाभी) बलराम यादव और सुशील यादव को पुलिस थाने ले गई है। पुलिस ने भाभी तो फिलहाल छोड़ दिया है पर छात्र के पिता को कल से ही थाने में बैठाकर रखा है। मां इस वक्त हार/खेत पर गई है। उसका बड़ा भाई गाय-भैंस के लिए खलिहान से चारा-भूसा लेने गया है। घर और मैं और उसकी भाभी, उसके दादा-दादी हैं। सब पिता के थाने से लौट आने की बाट जोह/देख रहे हैं।
बुआ बोली, मेरा भतीजा ऐसा नहीं था, उसे प्रिंसिपल ने मारा था, कान से सुनाई नहीं दे रहा था
गांव पहुंचकर जब हमने आरोपी छात्र यादव की मां से बात की तो उनका कहना था कि हमारा बेटा ऐसा नहीं था। वह बहुत ही सीधा-साधा लड़का है। गांव में किसी से बोलकर नहीं जानता था, पर पता नहीं उसने ऐसा और इतना कठिन कदम कैसे उठा लिया। उसके पास हथियार कट्टा कहां से आया यह भी ज्ञात नहीं है। आगे बुआ बताती हैं कि वह बहुत ही सीधा-साधा आज्ञाकारी लड़का है। हत्या की वजह तो नहीं पता पर इतना जरूर पता है कि दो दिन पहले जब मैंने देखा कि उसका एक तरफ का चेहरा गाल सूजा हुआ है। उसके गाल पर उंगलियां उलची हुई हैं तो पूछने पर बताया कि उसे स्कूल के प्रिंसिपल सर ने बुरी तरह मारा है, जिससे मेरा गाल सूज गया है। मेरा कान दर्द कर रहा है और मुझे कान से सुनाई भी नहीं दे रहा। तब मैंने उससे कहा था कि कोई बात नहीं बेटा, ठीक हो जाएगा, डॉक्टर को दिखवा देते हैं।
अब मुझे लगता है कि प्रिंसिपल ने उसे बेदर्दी से बुरी तरह मारा था, जिससे वह अपने आप को लज्जित और बेइज्जत महसूस कर रहा था। जहां तक है इसी बात को वह मन में भरे हुए था और इसी के चलते उसने यह कदम उठा लिया। उन्हें प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या करने की वजह लोगों से पता चली। पर अब उनका यह भी कहना है कि हम इस पूरे मामले में प्रिंसिपल की गलती मानते हैं। क्योंकि उन्होंने बच्चे को बहुत बुरी तरह मारा था और उन्हें उसे या किसी भी बच्चे को ऐसे नहीं मारना चाहिए था। अगर कुछ गलत था भी तो हम लोगों से बताते पर उसे इतनी बुरी तरह से नहीं मारना-पीटना था।
दादा ने बताया, बेटे को प्रिंसिपल ने मारा उसके गाल पर पांच उंगलियां उलछी थीं
वहीं, जब हमने आरोपी छात्र के दादा चूरामन यादव से बात की तो उन्होंने भी यही बात दोहराई जो कि बुआ ने कही, उनका भी यही कहना था कि मेरा बेटा ऐसा नहीं था, वह बहुत ही सीधा-साधा आज्ञाकारी बेटा है। अगर हम लोग भी कभी उसे डांट या मार देते थे तो वह पलट कर जवाब नहीं देता था और नीचे गर्दन करके रह जाता था। उसने बताया था कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उसकी बहुत बुरी तरह पिटाई की थी और इस पिटाई में उसका गाल सूजा था। उसमें मार की उंगलियां उलछी हुई थीं, जो कि दो दिन दाग बना रहा। छात्र ने बताया था कि उसके कान में दर्द है, उसे सुनाई नहीं दे रहा है।
आरोपी छात्र बोला, स्कूल आने का दवाब, पिता से की थी प्रिंसिपल ने शिकायत
घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकला था, जिसे शाम के समय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दूसरी ओर स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई हत्या की इस वारदात से जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। उधर, इस मामले में पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को बताया है कि प्रिंसिपल लगातार उसे स्कूल आने के लिए कहते थे और उन्होंने इस छात्र की शिकायत उसके पिता से भी की थी। इसी बात से नाराज होकर उसने प्रिंसिपल को गोली मार दी।
यह है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, छतरपुर निवासी सुरेंद्र कुमार सक्सेना पिछले तीन वर्षों से धमारा के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय में बतौर प्राचार्य पदस्थ थे। शुक्रवार को वो रोज की तरह विद्यालय पहुंचे थे और विधिवत तरीके से विद्यालय का संचालन कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर साढ़े 12 बजे विद्यालय की कक्षा-12वीं में पढ़ने वाला एक नाबालिग छात्र विद्यालय पहुंचा और उनसे विवाद करने लगा। विवाद के बीच में जब प्राचार्य सक्सेना विद्यालय के बाथरूम में गए तो छात्र ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे बाथरूम में ही उनकी मौत हो गई।
प्रिंसिपल की ही स्कूटी लेकर भागा
प्राचार्य की हत्या करने के बाद आरोपी छात्र प्राचार्य कक्ष में गया, जहां से उसने प्राचार्य की स्कूटी की चाबी उठाई और इसके बाद प्राचार्य की स्कूटी लेकर मौके से भाग निकला। यहां गौर करने वाली बात यह रही कि प्राचार्य और छात्र के बीच विवाद शुरू होने से लेकर उनकी हत्या किए जाने के बाद तक विद्यालय के किसी भी कर्मचारी ने विवाद में हस्ताक्षेप नहीं किया, जिस कारण से मृतक प्राचार्य के परिजनों ने विद्यालय स्टॉफ पर भी सवाल खड़े किए हैं।
CCTV से लगा सुराग
पुलिस टीम ने विद्यालय के सीसीटीवी को भी खंगाला, जिसमें घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भागता हुआ दिखाई दे रहा है। वारदात की जानकारी लगने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। मीडिया से बात करते हुए पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि घटना के बाद तुरंत ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई थीं। शाम के वक्त आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो कि नाबालिग है। आरोपी के पास से स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार जब्त किया गया है। हत्या की वजह पर बात करते हुए एसपी जैन ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी छात्र पढ़ाई पर ध्यान न देते हुए अन्य गतिविधियों में लिप्त रहता था, जिसके चलते प्राचार्य सक्सेना अक्सर उसे टोका करते थे। संभवत: इसी रोक-टोक से नाराज होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया है। एसपी ने यह भी कहा है कि अभी मामले की विवेचना जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर प्रकरण में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।