छतरपुर में स्कूली छात्रों द्वारा स्कूल के प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार सक्सेना की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। जहां प्रिंसिपल की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के दो घंटे की भीतर आरोपी को पुलिस ने सफलता से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नाबालिग है और 12वीं कक्षा का छात्र है।
जानकारी के मुताबिक मामला जिले के समीपस्थ धमौरा शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल का है, जहां बाथरूम में घटना को अंजाम दिया गया और वारदात के बाद आरोपी छात्र मौके से भाग निकले। भागने के लिए उन्होंने प्रिंसिपल की स्कूटी का ही इस्तेमाल किया है। हालांकि पुलिस मौके पर मौजूद है और हत्या के क्या कारण रहे इसका अभी तक पता नहीं चल सका है।
मामले में छतरपुर एसपी अगम जैन ने बताया कि अभी FSL और पुलिस की टीम जांच कर रही है। स्टाफ और अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। आरोपियों का पूर्व का रिकॉर्ड भी निकलवा रहे हैं। आसपास के फुटेज देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में और भी क्लू निकलकर आए हैं और उनकी सत्यता की जांच की जा रही है।
12वीं के छात्र पर संदेह
उसी स्कूल में पदस्थ टीचर हरिशंकर जोशी ने बताया कि मैं साक्षरता अभियान के सर्वे में गया हुआ था। वहां से लौटते समय मुझे स्टूडेंट्स घर जाते दिखे। मैंने उनसे पूछा कि छुट्टी क्यों कर दी गई, तो उन्होंने बताया कि किसी ने प्रिंसिपल को गोली मार दी। मैंने तत्काल 100 डायल और 108 को कॉल किया, साहब का किसी से कोई विवाद नहीं था। बहुत अच्छे व्यक्ति थे अभी जिस पर संदेह है वह 12वीं क्लास में पढ़ता है और वह बहुत अनुशासनहीन है। साहब ने उसके पिता को कई बार बुलाकर उनसे उसकी शिकायत की थी। सारी पड़ताल के बाद पुलिस ने आऱोपी 12 वीं के छात्र को गिरफ्तार कर लिया है।
छोटे भाई का आरोप
प्रिंसिपल के छोटे भाई राजेंद्र सक्सेना का आरोप है कि यह हत्या प्लानिंग के तहत की गई है। मेरे भाई इस स्कूल में करीब 4-5 साल से पदस्थ हैं, लेकिन कुछ लोग उनको प्रताड़ित करते थे और उन पर गलत काम करने का दवाब डालते थे।
आरोप है कि स्कूल का गेट हमेशा बंद रहता है। लेकिन इस गेट को आज खुला रखा गया था, ऐसे में कोई भी आ जा सकता था और ऐसा ही हुआ आरोपी आया और वारदात को अंजाम देकर भाग निकला। मुझे लगता है कि यह पूर्व प्लान और सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। आरोप है कि स्कूल/स्टाफ का कोई व्यक्ति साजिश में शामिल हो सकता है।
मामले में आरोपी ने पहले मेरे भाई को मारा फिर उनके ऑफिस में आया और स्कूटी की चाबी तलाशी। हेलमेट और टिफिन को फेंका, कुर्सी को तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी आराम से स्कूटर लेकर चले गए। यह कैसे मुमकिन है कि स्कूल में क्लास चल रही हैं, टीचर यहां पर मौजूद हैं और किसी ने घटना होते हुए नहीं देखी, यह तो संभव है नहीं। जिससे मुझे पूरा शक है कि स्कूल का कोई व्यक्ति इस साजिश में शामिल है। मैं चाहता हूं कि पुलिस प्रशासन कड़ाई से पूछताछ करे और जो भी शामिल हों उन्हें सजा दे।