छतरपुर शहर में गाय के प्रसव पीड़ा से तड़पने का मामला सामने आया है, जिसमें वह नौ घंटे तक तड़पती रही। दरअसल, गाय का बच्चा प्रसव के दौरान फंस गया था और वह कई घंटे से तड़प रही थी। जैसे ही इसकी सूचना गोसेवकों को मिली, वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने तड़प रही गाय के पेट में फंसा बच्चा निकालने का प्रयास किया पर नहीं निकाल सके। डॉक्टर को बुलाकर बच्चे को निकाला पर उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, समय पर बच्चे को निकालकर गाय की जान बचा ली गई।
जानकारी के मुताबिक, मामला छतरपुर शहर के मऊ दरवाजा के पास का है। जहां एक गाय प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। रात 11 बजे से जिसकी सूचना सुबह सात बजे गो-अस्पताल के धर्मेंद्र गोस्वामी को सूचना दी। वहीं, स्थानीय लोगों गोसेवकों को भी जैसे ही सूचना लगी, तुरंत मौका स्थल पर (धर्मेंद्र गोस्वामी, अमन गोस्वामी, रविराज) पहुंचे, जिनके सतत प्रयास से बुरी तरह फंसे बच्चे को बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था तो छतरपुर पशुपालन विभाग में पदस्थ छतरपुर के उपसंचालक डॉ. RS सेन से संपर्क किया और उनको तुरंत लेकर आए।
जिन्होंने लगभग आधा घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बच्चे को निकाला और गाय को उचित उपचार दिया। डॉक्टर के मुताबिक, बच्चा पहले ही मार चुका था पर अगर फंसा रहता तो पीड़ा से गाय भी मर सकती थी, जिसे समय रहते बच्चे (बछड़े) को निकाला गया और गाय को बचा लिया गया है।