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Chhatarpur News: गजब कर दिया! जिसे भाजपा ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया, उसे ही बना दिया मंडल अध्यक्ष

Thu, 19 Dec 2024 09:22 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर भाजपा में मंडल अध्यक्ष चयन विवादों में है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित महेंद्र अहिरवार को अध्यक्ष बनाया गया, जिससे चर्चाएं तेज हैं। गौरिहार निर्वाचन प्रक्रिया निरस्त हुई, बड़ामलहरा में अध्यक्ष बदलने की मांग उठी, और ब्राह्मण समाज का दबदबा दिखा। वहीं एक मंडल को उम्र का हवाला देकर हटाने की मांग की गई है। 
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छतरपुर में मंडल अध्यक्ष की नियुक्तियों के साथ ही विवाद सामने आने लगे हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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छतरपुर भाजपा ने जिसे पार्टी विरोधी कार्यों के लिए 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया था। उसे हाल ही में मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। सूची में नाम आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।
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जानकारी के मुताबिक हाल ही जारी सूची में भाजपा ने महेंद्र अहिरवार को नौगांव मंडल ग्रामीण का अध्यक्ष नियुक्त करने की जानकारी दी है। चौंकाने वाली बात ये है कि 25 जुलाई 2023 को (बीजेपी के तब के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह ने) पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए पांच लोगों का निष्कासन किया था, जिसमे महेंद्र अहिरवार का भी नाम शामिल था। हालांकि मामले में हमने जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम से बात की, तो उनका कहना था कि मैं इस मामले में कुछ नहीं कह सकता। नियुक्त करने वाले ही कुछ बता सकते हैं। 

गौरिहार मंडल अध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया निरस्त
छतरपुर जिले के गौरिहार मंडल अध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया निरस्त की गई है। जहां यह जानकारी ल BJP के जिला चुनाव अधिकारी योगेश कुमार ताम्रकार द्वारा लैटर द्वारा प्राप्त हुई है। जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उक्त लैटर में बताया गया है कि भारतीय जनता पार्टी, जिला छतरपुर के मण्डल गौरीहार के मण्डल अध्यक्ष पद पर निर्वाचिन प्रक्रिया निर्धारित मापदंडो पर उचित नहीं पाई है। अतएव प्रक्रिया निरस्त की जाती है। शेष प्रक्रिया माननीय प्रदेश निर्वाचन अधिकरी जी के निर्देश उपरांत बाद में की जाएगी।
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बड़ामलहरा मंडल अध्यक्ष हटाए जाने की मांग को लेकर लिखा पत्र
छतरपुर जिले की विधानसभा क्षेत्र बड़ामलहरा ग्रामीण मण्डल के निर्वाचन को निरस्त कराए जाने बाबत् पत्र वायरल हुआ है। जहां इस पत्र को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रवीण नापित ने संयोजक अपील समिति को लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बड़ा मलहरा ग्रामीण में रवि राजा जो कि आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं आज ही इनके छोटे भाई के पास से 55 पेटी अवैध शराब जब्त हुई एवं इस कारण उनके निर्वाचन करके भारतीय जनता पार्टी को अपना नया मंडल अध्यक्ष देना चाहिए ऐसी हम सब की मंशा है।


भाजपा मंडल अध्यक्षों के चयन में ब्राह्मण समाज का दबदबा
भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के निर्वाचन अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर के अनुमोदन और पर्यवेक्षक सदानंद गोडबोले की सहमति से छतरपुर जिला निर्वाचन अधिकारी सतना महापौर योगेश ताम्रकार ने जिले के 30 मंडलों के अध्यक्ष घोषित किए। इसमें सबसे ज्यादा पद ब्राह्मण समाज को सौपे गए हैं। 30 मंडलों में से 11 मंडलों की कमान ब्राह्मण कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है, जबकि दलित समाज से एक मंडल अध्यक्ष, ठाकुर समाज से पांच और ओबीसी के कुल 9 मंडल अध्यक्ष बनाये गए हैं। 
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इधर... पार्टी विरोधी गतिविधियां और उम्र का भारी अंतर
इन्हीं सब के बीच एक ओर मामला निकलकर सामने आया है, जिसमें बनाए गए मंडल अध्यक्ष पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता सहित उम्र अधिक होने का आरोप लगाया गया। इसके लिए पूर्व मंडल अध्यक्ष ने शिकायती पत्र लिखते हुए निर्वाचित मंडल अध्यक्ष को तत्काल हटाने की अपील की है। आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मंडल अध्यक्ष बनाए गए हैं, जिसमें गढ़ीमलहरा भी शामिल है। यहां के नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष आनंद मीनू चौरसिया है जिन पर अब अपनी उम्र छिपाने का आरोप लगा है। पूर्व मंडल अध्यक्ष का कहना है कि साक्ष्यों के अनुसार मंडल अध्यक्ष की उम्र की सीमा पार्टी द्वारा 35 वर्ष से 45 वर्ष निर्धारित की गई थी, लेकिन आनंद मीनू चौरसिया ने अपनी उम्र को कम  बताकर पद की प्राप्ति कर ली है।



इनका विरोध भी गढ़ीमलहरा में जोरों पर है। आरोप हैं कि वर्ष 2014 के नगरीय निकाय के चुनाव में भाजपा का विरोध भी आनंद चौरसिया द्वारा किया गया था। इन्होंने बहुजन समाज पार्टी का हाथ थामा था और नगर में 15 वार्डों में भाजपा के विरोध में प्रत्याशी भी खड़े किए थे। आपको बता देंं कि आनंद चौरसिया वार्ड नंबर 4 के रहने वाले हैं और पूर्व में मंडल महामंत्री के पद पर रहने के बाद भी अपना ही वार्ड नहीं जिता सके थे। वहीं अब इनका विरोध गढ़ीमलहरा में बहुत ज्यादा हो रहा है कार्यकर्ता नाराज हैं। जानकारी के मुताबिक आनंद चौरसिया लगभग 50 वर्ष के हो चुके हैं जो कि पार्टी के गाइडलाइन के बाहर है।
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