छतरपुर में चोरी के शक में बंधक बनाकर पीटा गया।
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छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़रिया चौकी के नैगुवां गांव में चोरी के शक में एक शख्स को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
जानकारी के मुताबिक नैगुवां निवासी हीरानाथ पर पड़ोसियों ने सोने के जेवरात चोरी करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि नैगुवां गांव के ही पुष्पेंद्र नाथ, गीता और उनके परिजनों ने हीरानाथ को पकड़कर घर के अंदर बंद कर दिया और जमकर मारपीट की। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। घायल हीरानाथ ने बताया कि पुलिस ने थाने में पूछताछ की और देर शाम वेरिफिकेशन के बाद उसे छोड़ दिया। लेकिन थाने से निकलते ही आरोपियों ने उसे दोबारा पकड़ लिया और फिर से मारपीट की। इस बार उसे इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसके शरीर पर कई जगह गहरी चोटें पाई गई हैं।
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हीरानाथ की मां रुड़किया नाथ और भतीजे सूरज नाथ ने बताया कि परिवार शादी-ब्याह में ‘नागिन बैंड’ बजाने का काम करता है। पड़ोसी के यहां 4-5 तोला सोने के जेवरात चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसका आरोप हीरानाथ पर लगा दिया गया। परिजनों का कहना है कि जेवरात बाद में मिल चुके हैं, फिर भी उनके बेटे को बेवजह पीटा गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सटई थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
चोरी का आरोप झूठा
चौकी प्रभारी का कहना है कि हीरानाथ पर लगाया गया चोरी का इल्ज़ाम गलत है और जांच में झूठा साबित हुआ है। उनके जेवरात गायब हुए थे वह उन्हें उनके ही घर में ही मिले, उसके चोरी के शक में बेवज़ह मारपीट की गई है।
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मां-बेटे पर मामला दर्ज
पड़रिया चौकी प्रभारी कमला सिंह का कहना है कि चोरी के झूठे आरोप में हीरानाथ के साथ मारपीर करने के आरोप में (गीता नाथ और उसके बेटे पुष्पेंद्र नाथ) पर 296-B, 115-2, 351 (3) (5) BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित/घायल फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती है। उसके बयानों और डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में इज़ाफ़ा हो सकता है।