थाने के बाहर बैठी महिला। बाद में पिता भी थाने पहुंच गए थे।
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बेटी काे जन्म देना छतरपुर में एक महिला के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। उसके पति ने घर से निकाल दिया था। वहीं अब मायके में उसके भाई-भाभी ने मारपीट कर भगा दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद महिला फिर से घर जा सकी।
जानकारी के अनुसार मामला छतरपुर शहर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के छात्रसाल नगर का है। यहां रहने वाले भुमानीदीन और सीता अहिरवार की 25 वर्षीय बेटी गीता अहिरवार की शादी 9 जुलाई 2016 को मऊसहानिया के संजय अहिरवार से हुई थी। वह ससुराल में हंसी-खुशी रह रही थी, पर जब उसने एक बेटी को जन्म दिया तो उस पर आफत का पहाड़ टूट पड़ा। उसके पति और ससुरालवालों ने उसे यह कहकर घर से निकाल दिया कि तुमने बेटी पैदा की है इसलिए अब हम तुम्हें अपने साथ में नहीं रखेंगे। ससुराल से निकाली गई बेटी अपने मायके पहुंची। मायके में उसका रहना उसके भाई कैलाश और भाभी प्रेमबाई को पसंद नहीं आया। उन्होंने बुधवार देर रात पीटकर उसे घर से निकाल दिया। पीड़ित महिला अपनी नाबालिग बेटी के साथ सिविल लाइन थाने न्याय की गुहार लगाने पहुंची।
सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने तत्काल उसके पिता को थाने बुलवाकर बेटी को साथ में रखने की समझाइश दी है। महिला पुलिस के साथ उसे उसके घर सुरक्षित वापिस भिजवाया और किसी भी परेशानी के लिए थाने आने को कहा है। पिता भुमानीदीन का कहना है कि ननद और भाभी में विवाद हुआ था तो थोड़ी मार-पीट कर दी। हम बेटी को वापस घर ले जा रहे हैं। अब अच्छे से रखेंगे।