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छतरपुर: छेड़छाड़ करने के जुर्म में दोषी को तीन साल की कठोर कैद, मारपीट करने वाले को एक साल की कैद

Tue, 08 Feb 2022 07:57 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छेड़छाड़ के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लवकुशनगर की कोर्ट ने आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
वहीं मारपीट करने के मामने में दोषी को एक साल की सजा दी गई है। 
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छतरपुर जिला एवं सत्र न्यायालय - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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छेड़छाड़ के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लवकुशनगर की कोर्ट ने आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 मई 2012 को पीडि़ता आरोपी के घर के दरवाजे पर जमीन पर सो रही थी। रात करीब एक बजे आरोपी अपनी चारपाई से उठकर पीड़िता के पास आकर छेड़छाड़ करने लगा। पीड़िता ने अपने परिवार को बताया। घटना के संबंध में थाना लवकुशनगर में आरोपी के विरूद्ध अपराध कायम कर सम्पूर्ण विवेचना पश्चात आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ केएन परिहार ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अश्विनी सिंह की अदालत ने आरोपी को भादवि की धारा 354 के आरोप में दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष की कठोर कैद एवं 4000 रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है।
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मारपीट करने के आरोपी को एक साल की कैद
मारपीट करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लवकुशनगर की कोर्ट ने मामले के आरोपी अशोक अनुरागी को एक वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के 21 जून 2015 को शाम करीब 6 बजे फरियादी बल्लू अनुरागी को गांव के सीपू अनुरागी ने बताया कि आहत शैलेन्द्र को आरोपी अशोक अनुरागी ने रास्ता में रोककर गालियां देकर मारपीट की है, जिससे आहत शैलेन्द्र वहीं पर पड़ा है। तब फरियादी शैलेन्द्र को बचाने गया तो आरोपी कह रहा था कि इसे जान से खत्म करना है, जो उसे बचाने आएगा उसे भी मारेंगे। मौके पर कुछ लोगो ने आकर शैलेन्द्र को बचाया। उक्त घटना की रिपोर्ट फरियादी ने थाना गौरिहार में लेखबद्ध कराई थी। जिसके आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया एवं सम्पूर्ण विचारण उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ केएन परिहार ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरूण सिंह की अदालत ने आरोपी अशोक अनुरागी को भादवि की धारा 325 के आरोप में दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की कैद एवं 1000 रुपए के जुर्माना की सजा सुनाइ है।
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