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छतरपुर: व्यापारी-तुलावटी विवाद सुलझाने के लिए आयोजित बैठक भी रही बेनतीजा, व्यापारियों ने की क्रय-विक्रय बंद करने की घोषणा

Tue, 03 May 2022 07:08 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर जिले की हरपालपुर कृषि उपज मंडी समिति में व्यापारियों व तुलावटियों में बीच पारिश्रमिक दरों व समझौते की अवधि को लेकर विवाद बढ़ गया है। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी है। मंगलवार को आयोजित बैठक भी बेनतीजा रही। जिसके चलते व्यापारियों द्वारा मंडी में क्रय-विक्रय पूर्णत: बंद करने की घोषणा कर दी।
 
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तहसीलदार ने व्यापारियों और तुलावटियों की बैठक करवाई थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर जिले की हरपालपुर कृषि उपज मंडी समिति में व्यापारियों व तुलावटियों में बीच पारिश्रमिक दरों व समझौते की अवधि को लेकर विवाद बढ़ गया है। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी है। मंगलवार को आयोजित बैठक भी बेनतीजा रही। जिसके चलते व्यापारियों द्वारा मंडी में क्रय-विक्रय पूर्णत: बंद करने की घोषणा कर दी।
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बुधवार से मंडी अनिश्चितकाल के लिए बंद होने की संभावना है। सीजन के फसलों को बेचने के लिये किसान परेशान होंगे। मंडी प्रशासन का कहना है कि अभी यथास्थिति बनाकर मंडी का सुचारु रूप से संचालन किया जाएगा। यदि व्यपारियों द्वारा हड़ताल की जाती है तो उनको नोटिस देकर जबाब मांगा जाएगा। जब तक दोनो पक्षों में समझौता नहीं होता, तब तक तुलावटियों को पुरानी दरों पर व्यापारियों द्वारा भुगतान किया जाएगा। व्यापारियों द्वारा जो मांग की गई उस पर नियमानुसार मंडी एक्ट के अनुसार कार्यवाही होगी।

क्या बोले व्यापारी
मंगलवार को विवाद का निष्कर्ष निकालने के लिए तहसीलदार भारसाधक अधिकारी सुनीता साहनी द्वारा मंडी प्रांगण में मंडी सचिव की उपस्थिति में व्यापारियों व तुलावटियों की अलग-अलग बैठक बुलाई गई। इसमें व्यापारियों का कहना था कि मंडी एक्ट 1972 के नियमानुसार तुलावटियों का भुगतान किया जाए। बैठक में बात निकली कि प्रदेश की अन्य मंडियों में प्रति बोरा व प्रति क्विंटल के हिसाब से कार्य का प्रतिफल देते हैं। उनका कहना कि हरपालपुर कृषि उपज मंडी में 40 पैसे प्रति सैकड़ा के हिसाब से तुलावटियों को पारिश्रमिक दिया जाता है जो नियम विरुद्ध है। बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका। व्यापारियों का कहना है कि जब तक कोई निर्णय नहीं होता, हम क्रय विक्रय बंद रखेंगे।
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तुलावटियों ने क्या कहा
तुलावटियों ने बताया कि व्यापारियों के यहां किसान की उपज कराने जाते हैं तो हम लोगों के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया जाता है। साथ ही उनके कार्य का प्रतिफल भी नहीं दिया जाता है। कई बार मंडी प्रशासन को लिखित में आवेदन देकर शिकायत की गई है। साथ ही तुलावटियों ने तहसीलदार को बताया कि किस प्रकार व्यापारियों द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है। किसानों की उपज पर प्रति बोरा 500 से 800 ग्राम अधिक तौल ली जाती है। मंडी प्रशासक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं कि जाती है।
 
तहसीलदार भारसाधक अधिकरी सुनीता साहनी ने कहा कि दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर उनकी बातों को सुना गया, जो भी नियमानुसार होगा उस हिसाब से ही कार्यवाही होगी। कृषि उपज मंडी में अभी यथास्थिति रहेगी। मंडी में आम दिनों की तरह कार्य होगा किसानों की उपज नीलामी होगी। हरपालपुर कृषि उपज मंडी सचिव सुरेंद्र खरे ने बताया कि भारसाधक अधिकारी तहसीलदार द्वारा व्यापारियों व तुलावटियों की बैठक बुलाई थी, जिस कोई निर्णय नहीं निकला है। अगली बैठक में दोनों पक्षों में समझौता होने की उम्मीद है। चूंकि व्यापारियों द्वारा तुलावटियों को उनके प्रतिफल के भुगतान के संबंध में जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यदि व्यपारियों द्वारा बिना सूचना के हड़ताल की जाती है तो कार्रवाई होगी।
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