Chhatarpur: जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर कतार में लग गए, कोई उन्हें पहचान नहीं पाया
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कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। वे लाइन में भी लगे, डॉक्टर को दिखाया, दवाई भी ली। लेकिन कोई भी उन्हें नहीं पहचान सका। उन्होंने डॉक्टर को उपलब्ध रहने के लिए फटकार भी लगाई।
छतरपुर जिला अस्पताल में लापरवाही की शिकायतें लगातार मिलने के कारण कलेक्टर कई बार जिला अस्पताल की निरीक्षण कर चुके हैं। शनिवार को एक युवक के फोन लगाने पर कलेक्टर संदीप जीआर फिर जिला अस्पताल पहुंच गए। एक युवक जिला अस्पताल अपना इलाज कराने पहुंचा था, जहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। इस पर युवक ने कलेक्टर को फोन लगाकर जानकारी दी कि वह इलाज कराना चाहता है परंतु यहां जिला अस्पताल में संबंधित चिकित्सक मौजूद नहीं हैं।
कलेक्टर छतरपुर ने युवक को आश्वासन दिया कि वे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचते हैं आप वहीं रुको। कलेक्टर सीधा अस्पताल जा पहुंचे उन्होंने उक्त युवक (22 वर्षीय सचिन मिश्रा) का खड़े होकर खुद पर्चा बनवाया और इमरजेंसी में साथ दिखवाने पहुंचे। सोशल डिस्टेंस बनाकर युवक के साथ लाइन में खड़े हो गए। जहां ड्यूटी डॉक्टर CP यादव कलेक्टर साहब को नहीं पहचान सके। जैसे ही अन्य मेडिकल ऑफिसर अस्पताल पहुंचे और कलेक्टर के आगे-पीछे घूमने लगे तो डॉक्टर CP यादव को ज्ञात हुआ तो उन्होंने तत्काल कुर्सी छोड़ दी और उठ खड़े हुए।
अस्पताल पहुंचने की खबर को लेकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गई और आनन-फानन में के सिविल सर्जन, बीएमओ और सीएमएचओ अस्पताल जा पहुंचे। जहां उन्होंने हर डॉक्टर का केबिन/चेम्बर चेक किया और गैरमौजूद डॉक्टरों को नोटिस देने की बात करते हुए व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया।
इतना ही नहीं अन्य चेम्बरों में चेकिंग के दौरान कलेक्टर ने चिकित्सक तथा स्वास्थ्य कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। दंत चिकित्सक डॉक्टर अशोक नौगरिया को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह नहीं चलेगा कि पेशेंट खड़ा रहे और आप चेम्बर से नदारद रहें।