फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhatarpur: सड़क हादसे के बाद बढ़ा तनाव, सर्व हिंदू संगठन ने कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव; जमकर हुई नारेबाजी

Fri, 05 Jun 2026 07:43 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर के टौरिया मोहल्ला क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद हुए विवाद और तनावपूर्ण हालात को लेकर सर्व हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कलेक्टर से सीधे मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन
सर्व हिंदू संगठन ने किया प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छतरपुर शहर के टौरिया मोहल्ला क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद भड़की मारपीट और उसके बाद बिगड़े हालात ने जिले में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। घटना को लेकर सर्व हिंदू संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

कलेक्ट्रेट गेट के बाहर कार्यकर्ताओं ने "कलेक्टर साहब होश में आओ, जिला प्रशासन होश में आओ" के नारे लगाए। नारेबाजी के दौरान जब जिला प्रशासन का कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, तो प्रदर्शनकारी जबरन गेट खोलकर परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अंदर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

प्रदर्शनकारी कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इसी बीच एडीएम नमः शिवाय अरजरिया ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एडीएम बिना ज्ञापन लिए वापस लौट गए।

विज्ञापन

कलेक्टर चेंबर के बाहर नारेबाजी की गई। - फोटो : अमर उजाला
कलेक्टर चेंबर तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
एडीएम के लौटने और कलेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रवेश कर गए। वे कलेक्टर चेंबर के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि, कलेक्टर के चेंबर में मौजूद नहीं होने पर वे वापस बाहर आए और बाद में एडीएम को ज्ञापन सौंप दिया।

ज्ञापन में बताया गया कि महोबा रोड स्थित पुलिस चौकी के पास एक वाहन की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ। पीड़ित पक्ष द्वारा इलाज कराने की बात कहने पर आरोप है कि कुछ युवकों ने अपने साथियों को बुलाकर दंपति के साथ मारपीट की। इसी दौरान 2 वर्षीय बच्ची को कथित रूप से बस के सामने फेंक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया।

ये भी पढ़ें- MP: आवारा कुत्ते का खौफ, सात ग्रामीणों व चार मवेशियों को बुरी तरह से काटा; 80 साल के बुजुर्ग के लगे 35 टांके

प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। - फोटो : अमर उजाला

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आरोप है कि बाद में जब पुलिस आरोपी पक्ष के घर पहुंची तो वहां पुलिस पर पथराव किया गया। इस दौरान पुलिस टीम पर हमला होने तथा विस्फोटक जैसी वस्तुएं फेंके जाने के भी आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सर्व हिंदू संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संदिग्ध मकानों की जांच कर अवैध गतिविधियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

 

विज्ञापन

उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इधर, प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन के पदाधिकारियों ने छतरपुर एसडीएम प्रशांत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आपात स्थिति में उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस संबंध में एडीएम से शिकायत भी की गई।

संगठन का आरोप है कि जब एसडीएम से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा, "हम सो रहे थे।" इस कथित जवाब पर संगठन ने नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। फिलहाल पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें