दिव्यांशी के परिजनों ने कलेक्टर से मुलाकात की।
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छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में दिसंबर में दिव्यांशी बोरवेल में गिर गई थी, जिससे नवागत कलेक्टर ने प्रशासनिक एवं सेना की मदद एवं महकमे के सहयोग से सराहनीय कार्य कर बाहर निकाला था। दिव्यांशी अपनी मां के साथ कलेक्टर के यहां पहुंची और अपने पिता के नाम के साथ एक प्रार्थना पत्र सौंपा। जहां दिव्यांशी ने पिता के व्यवसाय के लिए कृषि संचालन मनरेगा योजना से कुआं खोदने एवं आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाने की मांग की। कलेक्टर ने आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आश्वासन दिया और साथ आई दिव्यांशी को दुलार करते हुए उसका हाल-चाल भी जाना।
कलेक्टर ने कहा फाइटर है दिव्यांशी, मौत से लड़कर जिंदा बचकर वापस निकली। कलेक्टर ने उसकी तबीयत का हाल जाना, उसे दुलार किया और कहा दिव्यांशी है तो सब ठीक होगा, फाइटर है ये।
बोरवेल मामला रहा चर्चित
गौरतलब है कि नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में मासूम बालिका दिव्यांशी अपने खेत में खुदे बोरवेल में खेलते हुए गिर गई थी, जिसे बमुश्किल भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
दिव्यांशी की मां रामसखी कुशवाहा की मानें यो बोर से निकलने के बाद शासन प्रशासन ने उसकी हरसंभव मदद करने की बात करते हुए कुआं खोदने, बंधिया डलवाने, बगीचा लगाने और कुटीर आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही थी। बावजूद इसके अब तक उसे कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। जिसके चलते वह छतरपुर जिला मुख्यालय आकर कलेक्टर से मिली जहां कलेक्टर ने आवेदन लेकर उसकी मदद का आश्वासन दिया है।