छतरपुर जिला मुख्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी सुलह से 537 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस दौरान 6 करोड़ 50 लाख 80 हजार 543 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए, जिसका फायदा 1411 लोगों को हुआ।
जिले के विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 94 अपराधी प्रकरण, एनआई एक्ट के 107, एमएसीटी 71, विद्युत संबंधी 80, वैवाहिक प्रकरण से जुड़े 103 तथा सिविल अन्य प्रकरणों से जुड़े 82 प्रकरणों का निराकरण समझौते से कराया गया।
प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश हृदेश श्रीवास्तव ने देवी सरस्वती के चित्र पर मल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण अनिल कुमार पाठक ने बताया कि जिले भर में 28 खण्ड पीठ गठित की गई हैं। खण्ड पीठों में न्यायाधीश सहित अधिवक्ता, संघ के पदाधिकारी, बीमा कंपनी, विद्युत विभाग, नगरपालिका सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने उपस्थित होकर प्रकरणों के निराकरण में सहभागिता निभाई।
खण्ड पीठों द्वारा प्री-लिटिगेशन के 861 प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण किया गया। जिसमें बैंकों से संबंधित 129, विद्युत विभाग के 354, बीएसएनएल, एनआईएक्ट सहित अन्य 330 प्रकरणों तथा नगरपालिका के 48 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के लिये 2 करोड़ 36 लाख 34 हजार 658 रुपये के अवॉर्ड पारित किये गये, 946 व्यक्ति लाभान्वित हुए।
वहीं, लोक अदालत में लवकुशनगर न्यायालय के प्रथम जिला एवं अपर न्यायाधीश गिरिराज प्रसाद गर्ग द्वारा क्लेम प्रकरण में कमला अहिरवार बनाम नरेन्द्र कुमार राठौर के प्रकरण में 38 लाख 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ण राशि का अवार्ड आपसी समझौते के आधार पर पारित कराया।