ऐसी शिकायतें मिलने के बाद कि स्कूल प्री-बोर्ड परीक्षा के नतीजों के बाद छात्रों को रोक रहे हैं, सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (सीबीएसई) ने संबद्ध स्कूलों को बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को नहीं रोकने का सख्ती से आदेश दिया है।
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को सलाह जारी करते हुए कहा है कि वे परीक्षा संबंधी नियम-कानूनों का पूरी तरह पालन करें।
सीबीएसई स्कूलों को जारी किए गए पत्र में कहा गया है, "ऐसे कई मामले संज्ञान में आए हैं कि सीबीएसई संबंध स्कूलों द्वारा आयोजित प्री-बोर्ड परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड नहीं जारी किया गया। संबद्ध स्कूलों के प्रमुख किसी भी स्थिति में योग्य उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकते।"
परीक्षा नियंत्रक केके चौधरी द्वारा जारी की गई चिट्ठी में कहा गया है, "10 वीं और 12 वीं कक्षा के योग्य उम्मीदवार को एडमिट कार्ड जारी नहीं करना या उन्हें प्रैक्टिकल या लिखित परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देना सीबीएसई परीक्षा के नियमों का उल्लंघन है।"
आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, "स्कूल योग्य उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी करने के लिए कोई फीस नहीं लेगा। परीक्षा के नियम 15 के अनुसार बायलॉज को छोड़कर स्कूल विद्यार्थियों को किसी भी सूरत में नहीं रोक सकते। सीबीएसई ने सामने आए एक मामले को उठाया कि स्कूल एडमिट कार्ड जारी करने के लिए फीस भी ले रहे हैं। बोर्ड ने कहा है कि यह "अस्वीकार्य" है।