भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण जटिया के राज्यसभा का नामांकन भरने के अगले दिन ही उनके बेटे और भाई के ठिकानों पर सीबीआई के छापे पड़ गए।
सीबीआई के छापों के बाद भाजपा के गलियारों में दिनभर यह सवाल उठता रहा कि जटिया की राज्यसभा की सदस्यता अब हो पाएगी या नहीं।
धनबाद से आई सीबीआई
जटिया मंगलवार को मीडियाकर्मियों को बदहवास धकियाते हुए भागते दिखाई दिए। कुछ देर बाद वे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ यह बताने के लिए प्रकट हुए कि सीबीआई के छापे उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश है।
जटिया ने यह भी कहा कि उनके बेटे राजकुमार की नियुक्ति विधिसम्मत हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धनबाद सीबीआई के करीब 16-17 लोगों की दो टीमों ने जटिया के भाई हरिओम जटिया के शक्तिनगर स्थित निवास और 74 बंगलो स्थित निवास पर छापे की कार्रवाई की है। यह मामला जटिया के बेटे राजकुमार जटिया की बोकारो स्टील प्लांट में नियुक्ति से जुड़ा हुआ है।
नियुक्तियां दिलाने का मामला
उनके बेटे और भाई के ठिकानों पर सीबीआई के छापे पड़ गए। बोकारो स्टील प्लांट में कथित अवैध नियुक्तियों के सिलसिले में सीबीआई ने नौ राज्यों में करीब 33 ठिकानों पर छापे मारे हैं।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि कुछ रिटायर्ड अधिकारियों और राजकुमार जटिया और हरिओम जटिया का नाम बोकारो स्टील प्लांट में कुछ लोगों को नियुक्ति दिलाने के मामले से आए हैं। जिन लोगों को नियुक्तियां दिलाई गई हैं, उनके नाम पर लोन भी हासिल किया गया है। हरिओम जटिया से उनके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके फोन नो-रिप्लाई आते रहे।
जटिया की उम्मीदवारी पर सवाल
उज्जैन से लोकसभा के सदस्य रहे सत्यनारायण जटिया को इस बार पार्टी ने राज्यसभा में नामांकन दाखिल कराया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उज्जैन से भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थावरचंद गहलोत को लोकसभा का चुनाव लड़ाए जाने की योजना है।
गहलोत को उज्जैन से चुनाव लड़ाने के लिए ही जटिया को राज्यसभा में भेजा गया है। कांग्रेस की ओर से उज्जैन से प्रेमचंद गुड्डू सांसद हैं, जो दिग्विजय सिंह के करीबी हैं। पार्टी मध्य प्रदेश में सभी 29 में से कम से कम 26 सीटें जीतने की योजना पर काम कर रही है।
उस लिहाज से वह हर सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार को उतारने की योजना पर काम कर रही है। लेकिन अब जटिया के खिलाफ सीबीआई की छापे की कार्रवाई के बाद उनकी राज्यसभा की उम्मीदवारी पर सवाल खड़ा हो गया है, लेकिन अब तक पार्टी उनके समर्थन में दिखाई दे रही है।