राज्यसेवा परीक्षा में गलत चेकिंग की शिकायत कर रहे उम्मीदवार पीएससी के खिलाफ आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। हाईकोर्ट ने फैसला दे दिया है लेकिन उम्मीदवारों में नाराजगी बनी हुई है। वे कोर्ट के सामने पीएससी द्वारा गलती स्वीकारने से संतुष्ट नहीं हैं। उम्मीदवारों को अब भी परीक्षा के 15 जवाबों पर संदेह है।
मामला यह है कि 20 फरवरी 2011 में राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा 2010 हुई थी। तब पीएससी द्वारा जारी उत्तर सूची के 21 सवाल-जवाब पर उम्मीदवारों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। आयोग में सुनवाई न होने पर उम्मीदवारों ने कोर्ट में अपील की थी। तब पीएससी द्वारा कोर्ट में अपनी गलती स्वीकारने के साथ पांच सवालों के कुल आठ नंबर याचिकाकर्ताओं को देने का फैसला हुआ।
उम्मीदवार पीएससी के इस रवैये से असंतुष्ट हैं। साथ ही ऐसे उम्मीदवारों को भी पीएससी के फैसले को फायदा नहीं मिल रहा है जिन्होंने सही जवाब दिये लेकिन कोर्ट नहीं गये। पीड़ित उम्मीदवार इस बात से भी नाखुश हैं कि गलत जवाब देने वाले जिन उम्मीदवारों का परीक्षा में चयन हो चुका है उन्हें बाहर क्यों नहीं किया गया। उनका कहना है कि पीएससी ऐसे उम्मीदवारों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है। इस सबके चलते पीड़ित उम्मीदवार अगली अपील की तैयारी कर रहे हैं।