राजधानी भोपाल में डॉक्टर मरीजों पर नसबंदी करवाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। प्रसव के लिए अस्पताल आई महिलाओं को डॉक्टर नसबंदी न कराने पर भर्ती करने से भी मना कर रहे हैं। लागों को डॉक्टरों की शर्त से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सरकारी नियामानुसार किसी भी महिला या पुरूष को नसबंदी कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। डॉक्टर नसबंदी का अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए मरीजों पर ऐसा दबाव डाल रहे हैं। इंदिरा गांधी अस्पताल सहित राजधानी के अन्य अस्पतालों में आए दिन इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
डॉक्टर भी इस बात को मान रहे हैं की सरकारी नियमों के विपरीत नसबंदी नहीं की जा सकती है। लेकिन उनका कहना है कि नसंबदी का लक्ष्य पूरा न होने पर अधिकारियों का गुस्सा झेलना पड़ता है। केवल लोगों को प्रेरित करके वे नसबंदी के लिए तैयार नहीं होते, इसलिए प्रेशर बनाना पड़ता है।