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सीएए समर्थन: कमलनाथ सरकार पर बरसीं सुमित्रा महाजन, बोलीं— जिसे कानून से दिक्कत, वो सुप्रीम कोर्ट जाए

Sat, 25 Jan 2020 06:27 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन व इंदौर की मेयर मालिनी गौर गिरफ्तार - फोटो : Amar Ujala
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मध्य प्रदेश के इंदौर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में रैली करने पर भाजपा के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें शाम तक रिहा कर दिया गया। इनमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी शामिल थी। जानकारी के मुताबिक करीब 353 भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। इन पर धारा 144 का उल्लंघन करने का आरोप है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और सांसद राकेश सिंह ने भी गिरफ्तारी दी थी। 

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जिला जेल की अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी ने बताया कि कलक्ट्रेट में  राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए हिरासत में लिए गए वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन सहित सभी 353 लोगों को रिहा कर दिया गया है।
 
सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) केंद्र ने बनाया है और इस कानून को राज्य को मानना ही पड़ेगा, विपक्ष लोगों को भड़काना बंद करे। उन्होंने कहा, सीएए के बारे में बहुत बातें हो रही हैं, इनको लगता है कि कानून के खिलाफ कार्रवाई हो गई है। 
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महाजन ने आगे कहा कि पहली बात तो यह मैं आपको बताना चाहूंगी कि संविधान ने यह अधिकार दिया है कि केंद्र को कौन सा कानून बनाना है और राज्य को कौन सा। उस अधिकार के तहत ही केंद्र सरकार ने यह कानून बनाया है तो राज्य को यह अधिकार नहीं है कि वह इस कानून को मानने से इंकार कर सके।

महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीएए तब बनाया जब उसे दो तिहाई बहुमत प्राप्त है, जनता ने उन्हें यह कानून बनाने का अधिकार दिया है। यदि कल जनता ने तुम्हें भी दो तिहाई बहुमत देकर कानून बनाने का अधिकार दिया तो तुम उस कानून को निरस्त कर सकते हो। इस तरह विरोध प्रदर्शन से कानून को बदला नहीं जा सकता। 

उन्होंने आगे कहा कि विरोध प्रदर्शनों को रोककर कानून को निरस्त नहीं किया जा सकता है। भारत में, लोकतंत्र मजबूत है और संविधान व्यवस्थित है। जिसके तहत विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के अधिकारों को परिभाषित किया गया है। यदि आपको कोई समस्या है, तो सर्वोच्च न्यायालय में जाएं और उसके निर्णय की प्रतीक्षा करें।
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