राजधानी में वाहनों से काली फिल्म हटाने के चलते बसों के हड़ताल पर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काली फिल्म हटाने की ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के विरोध में करीब तीन हजार बसें बंद हैं। उस पर टैक्सी चालकों ने हड़ताल में मनमाना किराया वसूल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
यात्रियों को मंगलवार को इंदौर, जबलपुर आदि लंबी दूरी की बसें नहीं चलने से काफी दिक्कत हुई। हलालपुरा, नादरा बस स्टैंड पर यात्री दिनभर परेशान होते रहे। संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्याम सुदंर शर्मा ने कहना है कि पुलिस कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार काम नहीं कर रही है।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन में काली फिल्म हटाने के बारे में कहा गया है, न कि काले कांचों को हटाने के बारे में। उन्होंने बताया कि बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद किया है। बसों की हड़ताल से स्कूल और कॉलेजों के बच्चे भी परेशान हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों की आज से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रहे हैं। ऐसे में समय पर परीक्षा में पहुंचने को लेकर उनके लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।