मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना के घटते मामलों के साथ अब ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहर में बीते 7 दिनों में केवल 47 मामले सामने आए हैं। वहीं शहर में अब तक कुल संक्रमितों की बात करें तो यह 553 हो गई है। जिला नोडल अधिकारी डॉ अमित मालाकार ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद जिले में म्यूकोर्मिकोसिस(ब्लैक फंगस) के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। लेकिन, अब इस फंगल संक्रमण के मामले कम होते जा रहे हैं क्योंकि महामारी के संक्रमण में कमी आ रही है।
वहीं एक और रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना महामारी के दस्तक देने से पहले ब्लैक फंगस से जान गंवाने वालों की संख्या 50 फीसदी तक थी लेकिन वर्तमान में यह 12 फीसदी तक है। हालांकि ब्लैक फंगस के बढ़ने के पीछे कोरोना के बाद होने वाले साइड इफेक्ट्स भी माने जा रहे हैं।
म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस क्या है?
अमेरिका के सीडीसी के मुताबिक, म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस एक दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है। लेकिन ये गंभीर इंफेक्शन है, जो मोल्ड्स या फंगी के एक समूह की वजह से होता है। ये मोल्ड्स पूरे पर्यावरण में जीवित रहते हैं। ये साइनस या फेफड़ों को प्रभावित करता है।
जानिए इसके लक्षण क्या हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने ट्वीट कर बताया है कि आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, साफ-साफ दिखाई नहीं देना, उल्टी में खून आना या मानसिक स्थिति में बदलाव ब्लैक फंगस के लक्षण हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश में कोरोना के 718 नए मामले, 38 लोगों की मौत
मध्यप्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 718 नए मामले सामने आए जिसके साथ ही प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 7,84,461 तक पहुंच गई। पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 38 और व्यक्तियों की मौत हुई है। राज्य में अब तक इस बीमारी से जान गंवाने वालोंकी संख्या 8,295 हो गई है।