मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बड़े मजेदार दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से आए समर्थकों ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर के सामने धरना देकर मुख्यमंत्री को विदिशा से चुनाव लड़ाने की मांग की।
एक कहानी यह भी चली कि कांग्रेस में आने का रास्ता देखते-देखते थक गए राजकुमार पटेल को बुदनी से चुनाव लड़ाया जाएगा और मुख्यमंत्री विदिशा से चुनाव लड़ेंगे।
बहरहाल, मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के टिकटों के बंटवारे में जिन तीन लोगों की सबसे अहम भूमिका है, उनमें शिवराज सिंह चौहान प्रमुख हैं। अन्य दो लोगों में प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और संगठन मंत्री अरविंद मेनन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री फिलहाल बुदनी से चुनाव लड़ने वाले हैं, इसकी आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। एक दिन पहले ही वह बुदनी के लोगों को बोलकर आए हैं, 'मैं अब प्रदेशभर में घूमूंगा, इसलिए आप लोगों को ही यहां मेरा चुनाव लड़ना है।'
भाजपा के सूत्रों ने इस दिलचस्प दृश्य के पीछे दो कारण बताएः एक, विदिशा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खास समर्थक मुकेश टंडन खुद विदिशा से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। जब वहां से पूर्व विधायक सरदार गुरचरण सिंह की बेटी और पार्टी की प्रवक्ता सुखप्रीत कौर का नाम सामने आया, तो अचानक मुकेश टंडन करीब 50 बसों में कार्यकर्ताओं को लेकर प्रदेश कार्यालय पर आ धमके और मुख्यमंत्री को विदिशा से चुनाव लड़ाने की मांग करने लगे।
उधर, जब गुरचरण सिंह ने सुना की मुकेश टंडन बस लेकर भोपाल जा रहे हैं, तो वह भी अपनी बसें लेकर आ धमके। सब मिलकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को विदिशा से चुनाव लड़ाने की मांग करने लगे।
दो, यह खबर थी कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को मुख्यमंत्री के सामने पर्चा भरवाया जा सकता है। भूरिया यह पर्चा भरें, उसके पहले भाजपा ने यह रणनीति बुनी कि राजकुमार पटेल को भाजपा लाकर उन्हें बुदनी से चुनाव लड़ाया जाएगा।
राजकुमार पटेल विदिशा में सुषमा स्वराज के सामने नामांकन खारिज होने के बाद से ही कांग्रेस में वापसी की बाट जोह रहे हैं।
प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और संगठन मंत्री अरविंद मेनन एक ही गाड़ी में बैठकर भाजपा कार्यालय से यह कहते हुए निकले कि लौटकर बताते हैं कि क्या निर्णय हुआ। बताया गया कि वे मुख्यमंत्री से ही बात करने गए हैं।