मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आदि शंकराचार्य के अध्याय, प्रदेश के स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम से हटाने के आदेश दिये हैं। हालांकि विधानसभा के अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने संबंधित मंत्री को इस मामले में संज्ञान लेने के निर्देश दिये।
शून्य काल के दौरान इस मामले को सदन में उठाते हुए भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भाजपा के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और सनातन धर्म के आदि शंकराचार्य के अध्याय, स्कूली पाठ्यक्रम से हटाने के निर्देश दिये हैं।
सांरग ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने राजनीतिवश इस प्रकार के निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने एकात्म मानव दर्शन का सिद्धांत दिया और अपना पूरा जीवन गरीबों के उत्थान में लगा दिया। भाजपा विधायक ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश भर में यात्रा कर देश की एकता के लिये काम किया।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इस मामले में बहस कराने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कदम हमारे इतिहास, हमारी धरोहर और सनातन धर्म की समृद्ध संस्कृति के खिलाफ है।