मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक अजब मामला सामने आया है। यहां पिछले 20 साल से फरार चल रहे भाजपा के विधायक शंकरलाल तिवारी को पुलिस ने 1997 में सिटी कोतवाली थाने में मारपीट और तोड़फोड़ करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।
तिवारी 1998 से
फरार थे और उनपर थाने में पुलिस के साथ मारपीट करने और बवाल मचाने का मामला दर्ज था। जिला सत्र एवं सेशंस कोर्ट ने तिवारी सहित 20 नेताओं को फरार घोषित किया हुआ था। सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ था। इस मामले में 28 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जिसमें से 8 लोग बरी हो चुके हैं जबकि विधायक सहित 20 लोग फरार चल रहे थे।
शंकरलाल तिवारी सतना से भाजपा विधायक हैं। अपने छात्र जीवन से ही वह
राजनीति में सक्रिय हैं और आपातकाल के दौरान जेल जा चुके हैं। साल 2003 में उमा भारती के शासनकाल में वह विधायक बने थे। इसके बाद उसी जगह से तीन बार विधायक चुने गए हैं। उन्हें अपने बेबाक बयानों के लिए जाना जाता है। पिछले दिनों वह मंच से कांग्रेस नेताओं को 'सपोला' बोलने की वजह से चर्चा में आए थे।