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साध्वी प्रज्ञा को 'मारक शक्ति' वाले बयान पर चेतवनी के बाद अब दी चुप रहने की नसीहत

Sat, 31 Aug 2019 01:57 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा सांसद पज्ञा ठाकुर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहती हैं। उन्होंने हाल ही में भाजपा नेताओं के निधन पर कहा था कि विपक्ष मारक शक्ति का प्रयोग कर रहा है। जिसपर उनकी काफी आलोचना हुई थी। इसके बाद खबर आई थी कि उन्हें पार्टी ने नोटिस जारी किया है। अब इस खबर को मध्यप्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने खारिज कर दिया है। 

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पराशर ने प्रज्ञा को नोटिस जारी होने वाली रिपोर्ट्स का खंडन किया है। उन्होंने कहा, 'प्रज्ञा ठाकुर को कोई नोटिस जारी नहीं हुआ है। यह खबर झूठी है।' ऐसी खबरें आई थीं कि साध्वी प्रज्ञा को पार्टी के अंदर ही अकेला कर दिया गया है और उन्हें भाजपा ने सार्वजनिक स्थानों पर बोलने से मना किया है। पार्टी का कहना है कि हालिया महीनों में उनके दिए बयान से नेतृत्व शर्मिंदा है।
 

खबर में कहा गया था कि भाजपा की मध्यप्रदेश ईकाई के अध्यक्ष राकेश सिंह ने ठाकुर को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने दोबारा इस तरह का विवादित बयान दिया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 26 अगस्त को प्रज्ञा ठाकुर ने एक बार फिर अपने बयान से भाजपा को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया था। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के लिए भोपाल में आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा नेताओं के खिलाफ मारक शक्ति का प्रयोग कर रहा है।
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साध्वी ने कहा था, 'एक बार एक महाराज जी ने मुझसे कहा था कि हमारा खराब समय चल रहा है और विपक्ष कुछ कर रहा है। वह भाजपा के खिलाफ मारक शक्ति का प्रयोग कर रहा है। मैं उनकी कही बात को बाद में भूल गई थी लेकिन अब जब मैं अपने वरिष्ठ नेताओं को एक के बाद एक जाते हुए देख रही हूं तो मुझे महाराज जी की बात सोचने पर मजबूर होना पड़ा है कि क्या वह सही थे?'

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चेतावनी के बाद साध्वी प्रज्ञा को फिर चुप रहने की नसीहत

अपने बयानों से लगातार पार्टी की किरकिरी करवाने वाली भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नेतृत्व ने तीसरी बार चुप रहने की नसीहत दी है। इससे पहले भी पार्टी उन्हें चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस दे चुकी है।

हाल में कम समय के अंतराल में वरिष्ठ भाजपा नेताओं के निधन पर साध्वी प्रज्ञा ने विपक्ष के मारक शक्ति का उपयोग करने संबंधी बयान दिया था। पार्टी नेतृत्व ने इसका संज्ञान लेते हुए उन्हें भविष्य में सोच-समझ कर बोलने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहने की नसीहत दी थी।

पिछले महीने कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन मंत्री ने प्रज्ञा को तलब कर फटकार लगाई थी। तब प्रज्ञा ने यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि बतौर सांसद उनका काम शौचालय बनवाना और साफ करवाना नहीं है। इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान नाथूराम गोडसे को साध्वी ने देशभक्त बता दिया था, जिससे प्रधानमंत्री नाराज हो गए था और उन्होंने कहा था कि वह प्रज्ञा को दिल से कभी माफ नहीं कर पाएंगे। 
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