फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान। 'विदेशी युवतियों संग डेटिंग' के फोन से ठगे गए लोग, ठगों ने कमाएं करोड़

Fri, 30 Aug 2019 12:26 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
डेमो - फोटो : डेमो
विज्ञापन
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र  के दो हजार लोगों से तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्य दीवान सिंह और सचिन को रेंज साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। गैंग एनआरआई युवतियों से डेटिंग का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन और होटल खर्च के नाम पर खातों में रकम जमा कराते थे।
विज्ञापन


रेंज साइबर सेल के मुताबिक, दीवान सिंह गांव मझटीला, थाना खेड़ा राठौर और सचिन मिश्रा निवासी गांव सिंधावली, थाना बाह के रहने वाले हैं। वह विज्ञापन देकर लोगों को एनआरआई युवतियों से दोस्ती का झांसा देते थे। 

लोगों के कॉल आने पर 1650 रुपये पंजीकरण शुल्क लेते हैं। इसके बाद डेटिंग के लिए टैक्सी, होटल खर्च के नाम पर खाते में 40 से 50 हजार रुपये जमा करा लेते थे। इसके बाद रकम जमा करने वाले का नंबर ब्लाक करते थे। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: साइबर अपराधी ने बिछाया ऐेसा जाल, लिंक क्लिक करते ही व्यापारी ने गंवाए 15 हजार
 
Trending Videos

आरोपियों से विज्ञापन की छायाप्रतियां, मोबाइल नंबर, मोबाइल फोन, एक डायरी (दो हजार लोगों के नंबर लिखे, रकम का ब्यौरा) और बैंक खातों का विवरण बरामद किया है। दीवान सिंह ने ठगी की रकम से 500 गज में तीन मंजिला कोठी बनाई है। वहीं सचिन की भी कोठी है। जो रकम मिलती थी, उससे अपने परिवार में खर्च करते थे। 

गैंग में 24 सदस्य
आरोपियों के गैंग में 24 से अधिक सदस्य हैं। इनमें मध्य प्रदेश के भी लोग शामिल हैं। इनमें छह के नाम मिले हैं, जोकि फरार हैं। इनमें अशोक निवासी ग्राम दडहेता, जैतपुर, नंदा, बृजेश, सुनील, खुशीलाल और सौबित फरार हैं। 

ये भी पढ़ें: नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, ऐसे खुला शातिरों का राज

दीवान सिंह के साले सुनील, बृजेश और नंदा उर्फ नन्दकिशोर, अनिल, अभियुक्त सचिन मिश्रा का सगा जीजा और अन्य रिश्तेदार भी शामिल हैं। ठगी की रकम जमा कराने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, भिंड शाखा के खाते का प्रयोग किया जा रहा है। 
 
विज्ञापन

यह खाता गौरव नाम पर है। 30 हजार रुपये में खाता लिया गया था। इस खाते से करोड़ों रुपये की जमा और निकासी हो चुकी है।   जिन सिम के नंबर से कॉल करते थे, उसकी आईडी फर्जी है।

ये भी पढ़ें: साइबर अपराधियों के 'जाल' में फंसी युवती, लॉटरी के लालच में गंवाई इतनी रकम

आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि बाह क्षेत्र में सक्रिय गैंग गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में नशीली वस्तुओं की बडे़ पैमाने पर सप्लाई कर रहे हैं। गैंग के कुछ सदस्य ओडीसा के भद्रक से गांजा और मध्य प्रदेश, बिहार से स्मैक लेकर आते हैं। इसके बाद सप्लाई करते हैं।

यह रही पुलिस टीम
पुलिस टीम में निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह, एसआई विनय भारद्वाज, एएसआईएम विशाल शर्मा, सिपाही देवेंद्र पाल सिंह भदौरिया, इंद्रदेव, जितेंद्र कुमार, सुशील कुमार, नवीन प्रताप सिंह, चालक श्यामवीर सिंह हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें