आरोपियों से विज्ञापन की छायाप्रतियां, मोबाइल नंबर, मोबाइल फोन, एक डायरी (दो हजार लोगों के नंबर लिखे, रकम का ब्यौरा) और बैंक खातों का विवरण बरामद किया है। दीवान सिंह ने ठगी की रकम से 500 गज में तीन मंजिला कोठी बनाई है। वहीं सचिन की भी कोठी है। जो रकम मिलती थी, उससे अपने परिवार में खर्च करते थे।
गैंग में 24 सदस्य
आरोपियों के गैंग में 24 से अधिक सदस्य हैं। इनमें मध्य प्रदेश के भी लोग शामिल हैं। इनमें छह के नाम मिले हैं, जोकि फरार हैं। इनमें अशोक निवासी ग्राम दडहेता, जैतपुर, नंदा, बृजेश, सुनील, खुशीलाल और सौबित फरार हैं।
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दीवान सिंह के साले सुनील, बृजेश और नंदा उर्फ नन्दकिशोर, अनिल, अभियुक्त सचिन मिश्रा का सगा जीजा और अन्य रिश्तेदार भी शामिल हैं। ठगी की रकम जमा कराने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, भिंड शाखा के खाते का प्रयोग किया जा रहा है।
यह खाता गौरव नाम पर है। 30 हजार रुपये में खाता लिया गया था। इस खाते से करोड़ों रुपये की जमा और निकासी हो चुकी है। जिन सिम के नंबर से कॉल करते थे, उसकी आईडी फर्जी है।
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आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि बाह क्षेत्र में सक्रिय गैंग गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में नशीली वस्तुओं की बडे़ पैमाने पर सप्लाई कर रहे हैं। गैंग के कुछ सदस्य ओडीसा के भद्रक से गांजा और मध्य प्रदेश, बिहार से स्मैक लेकर आते हैं। इसके बाद सप्लाई करते हैं।
यह रही पुलिस टीम
पुलिस टीम में निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह, एसआई विनय भारद्वाज, एएसआईएम विशाल शर्मा, सिपाही देवेंद्र पाल सिंह भदौरिया, इंद्रदेव, जितेंद्र कुमार, सुशील कुमार, नवीन प्रताप सिंह, चालक श्यामवीर सिंह हैं।