अपने बयानों से लगातार पार्टी की किरकिरी करवाने वाली भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नेतृत्व ने तीसरी बार चुप रहने की नसीहत दी है। इससे पहले भी पार्टी उन्हें चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस दे चुकी है।
हाल में कम समय के अंतराल में वरिष्ठ भाजपा नेताओं के निधन पर साध्वी प्रज्ञा ने विपक्ष के मारक शक्ति का उपयोग करने संबंधी बयान दिया था। पार्टी नेतृत्व ने इसका संज्ञान लेते हुए उन्हें भविष्य में सोच-समझ कर बोलने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहने की नसीहत दी थी।
पिछले महीने कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन मंत्री ने प्रज्ञा को तलब कर फटकार लगाई थी। तब प्रज्ञा ने यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि बतौर सांसद उनका काम शौचालय बनवाना और साफ करवाना नहीं है। इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान नाथूराम गोडसे को साध्वी ने देशभक्त बता दिया था, जिससे प्रधानमंत्री नाराज हो गए था और उन्होंने कहा था कि वह प्रज्ञा को दिल से कभी माफ नहीं कर पाएंगे।