फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

20 साल बाद कैलाश विजयवर्गीय ने किया अन्नग्रहण, इंदौर के विकास का लिया था संकल्प

Mon, 02 Mar 2020 08:22 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन
महासचिव कैलाश विजयवर्गीय - फोटो : Twitter
विज्ञापन

अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में 20 वर्षों बाद अन्न ग्रहण किया है। विजयवर्गीय 20 साल पहले इंदौर के महापौर बने थे और उन्होंने पितृ पर्वत पर भगवान हनुमान की प्रतिमा स्थापित कराने का संकल्प लिया था। इस दौरान विजयवर्गीय ने अन्न का त्याग किया था। बताया जाता है कि उन्होंने ऐसा संकल्प इंदौर के विकास के लिए लिया था। 

विज्ञापन


दरअसल, कैलाश विजयवर्गीय सन 2000 में जब इंदौर के मेयर निर्वाचित हुए थे, उस दौरान किसी महात्मा ने बताया था कि शहर पितृ दोष से ग्रस्त है। महात्मा ने उन्हें बताया था कि यही कारण है कि इंदौर का विकास नहीं हो रहा है। इसके उपाय के तौर पर महात्मा ने उन्हें बताया था कि अगर इंदौर के पितृ पर्वत पर भगवान श्री हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जाए तो यह दोष दूर हो सकता है। 

15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई हनुमान जी की प्रतिमा
इसके बाद भाजपा महासचिव ने शहर की उन्नति के लिए संकल्प लिया कि जब तक वह पितृ पर्वत पर विश्व की सबसे ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित नहीं करवा लेते हैं तब तक अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगे। अब 20 वर्ष बाद उनका यह संकल्प पूरा हुआ है। 15 करोड़ रुपये लागत से इंदौर के पितृ पर्वत पर 72 फीट ऊंची, 108 टन वजन की अष्टधातु की हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर उसकी प्राण प्रतिष्ठा की गई। 
विज्ञापन


पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज की उपस्थिति में अन्न ग्रहण किया
इंदौर की पितृ पर्वत पर हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने महामंडलेश्वर जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज, संत मुरारी बापू और वृंदावन से महामंडलेश्वर गुरुशरणानंदजी महाराज की उपस्थिति में 20 साल बाद संकल्प पूरा होने पर अन्न ग्रहण किया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें