आरोपी के बचाव में उतरे भाजपा जिलाध्यक्ष
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मामला बीते दिनों का है, मैहर में चल समारोह के दौरान जब भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौरसिया द्वारा पुलिसकर्मी से मारपीट की गई थी। वहीं इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष समेत पार्षदों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में बताया कि इस विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई थी जब पुलिसकर्मी ने नगर के धार्मिक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और अन्य लोगों के साथ अभद्रता की है। जब भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौरसिया ने पुलिसकर्मी को रोका तो पुलिसकर्मी ने अरुण चौरसिया के साथ दुर्व्यवहार किया, जिससे स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में काटकर चलाया गया है।
निलंबन करने की उठी मांग
वहीं एसपी को ज्ञापन सौंपकर पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कहा अगर पुलिसकर्मी को निलंबित नहीं किया गया तो हम सब कार्यलय के सामने बैठकर धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने ने कहा कि अरुण चौरसिया हमारे भाजपा के मंडल मंत्री है। दुर्गा विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मी और अरुण चौरसिया के बीच में कहासुनी हुई थी। उस पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। बाद में वीडियो को गंभीरता से देखा गया तो ऐसा प्रतीत होता है कि इसकी शुरुआत पहले पुलिसकर्मी के द्वारा की गई थी।
इसी को लेकर आज हमने एसपी को ज्ञापन दिया है और मांग कि है दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। जिला पुलिस शिकायत बोर्ड की सदस्य जयंती तिवारी ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए, ताकि आंगे से ऐसी घटना दुबारा न दोहराई जाए। क्योंकि जो जनता का विश्वास है पुलिसकर्मी और सरकार के ऊपर वो बना रहे।