प्रदेश के देवास-शाजापुर संसदीय क्षेत्र से सांसद और मध्यप्रदेश भाजपा के प्रवक्ता महेंद्र सिंह सोलंकी ने बयान जारी कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से मांग की है कि वे संविधान का अपमान करने वाले कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल से इस्तीफा लें और उन्हें पार्टी से निष्काषित करें। अन्यथा यह माना जाएगा कि कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ भी उन लोगों का समर्थन करते हैं, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान को जलाने की बात करते हैं।
संविधान को जलाने की बात कह दी
सोलंकी ने कहा कि विधायक बाबू जंडेल के लिए समाज और लोगों का अपमान करना नई बात नहीं है। इससे पहले वे राज्य विधानसभा की मर्यादा को चोट पहुंचाते हुए सदस्यों के सामने अपने कपड़े फाड़ चुके हैं। उन्होंने सरकार को यह कहकर जनजातीय बंधुओं की आर्थिक सहायता करने से रोकने का प्रयास किया कि यदि इन्हें पैसा दिया गया, तो ये दारू पी जाएंगे। इस बार तो उन्होंने संविधान को ही जलाने की बात कह दी है, जिसका हर भारतीय सम्मान करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसा करके विधायक ने सिर्फ संविधान और उसमें आस्था रखने वाले करोड़ों भारतीयों का ही अपमान नहीं किया है, बल्कि उन्होंने उसकी रचना करने वाले डॉ. आंबेडकर का भी अपमान किया है। भाजपा, जंडेल के इस बयान की कड़ी निंदा करती है और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से यह मांग करती है कि विधायक से तुरंत इस्तीफा लें और उन्हें निष्काषित करें। भाजपा संविधान और डॉ. आंबेडकर का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करेगी।
विधायक की सफाई, बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया
संविधान की प्रति जलाने वाले बयान के मामले में पुलिस ने विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में विधायक जंडेल का बयान भी आया है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था। वे संविधान का आदर करते हैं। बाबा साहब द्वारा लिखे गए संविधान में निष्ठा के साथ यकीन रखते हैं।