फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवा विधायक सम्मेलन: हेमंत कटारे का बड़ा बयान: मुफ्त की रेवड़ी बंद हो, ये विकसित भारत के लिए हानिकारक

Tue, 31 Mar 2026 11:23 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन के दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने फ्री योजनाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल पर निवेश जरूरी है, न कि मुफ्त बांटने की नीति।
विज्ञापन
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिनी सम्मेलन में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अलग राय रखते हुए ‘फ्रीबीज’ संस्कृति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिना शर्त आर्थिक मदद देने वाली योजनाएं लंबे समय में देश के विकास के लिए ठीक नहीं हैं। कटारे ने कहा कि जनप्रतिनिधि बनने के बाद अक्सर यह डर बना रहता है कि कोई वर्ग नाराज न हो जाए, जिसके कारण कई बार ठोस फैसले नहीं लिए जा पाते। उन्होंने कहा कि अगर इसी डर में काम होगा तो देशहित के बड़े निर्णय लेना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत के लिए हानिकारक है। यह रेवड़ी बांटना बंद करना चाहिए। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  गैस संकट के बीच कालाबाजारी का खुलासा: भोपाल में 50 सिलेंडर जब्त, शादी सीजन से पहले कमर्शियल सिलिंडर का संकट

महिलाओं के सशक्तिकरण पर अलग नजरिया
महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केवल खाते में पैसा डालने से सशक्तिकरण नहीं होता। उनके अनुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य पर निवेश ज्यादा जरूरी है। कटारे ने यह भी कहा कि यदि लोगों को बिना प्रयास के लगातार आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, तो मेहनत और नवाचार की भावना कमजोर हो सकती है। इससे देश की प्रगति प्रभावित होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- एम्स भोपाल में हाईटेक मेडिकल रिवोल्यूशन: अब 3D मॉडल से होगी सर्जरी की तैयारी, IOCL से हुआ बड़ा करार

अफसरशाही की जवाबदेही पर भी उठाए सवाल
सम्मेलन में उन्होंने नौकरशाही की जवाबदेही तय करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की तरह अधिकारियों के कामकाज की भी नियमित समीक्षा होनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। बता दें दो दिवसीय इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायक शामिल हुए, जहां लोकतंत्र, भविष्य की राजनीति और युवा नेतृत्व की भूमिका पर चर्चा की जा रही है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें