मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक महिला ने खुद पर भरोसा कर जीवटता की अनूठी मिसाल पेश की है। मामला ही कुछ ऐसा ही है कि जो भी सुन रहा है, वह चकित रह जाता है। 35 साल की महिला नदी में गिर गई थी। लगा कि बचेगी नहीं। तब करीब तीन घंटे बाद उसे निर्माणाधीन पुल के पिलर के बीच पाया। बचाव के लिए नौका गई और उसे बाहर लाया जा रहा था कि नौका पलट गई। अब फिर महिला नदी में थी और अब की बार करीब 16 किमी आगे जाकर महिला ने एक पेड़ को पकड़कर जान बचाई।
अधिकृत जानकारी के अनुसार सोनम दांगी पत्नी कल्याण सिंह दांगी उम्र 35 साल निवासी ग्राम खजूरिया थाना कुरवाई जिला विदिशा गुरुवार को राखी के लिए अपने मायके ग्राम पड़रिया जा रही थी। रात करीब आठ बजे उनकी मोटरसाइकिल फिसल गई और महिला बेतवा नदी में गिर गई और दूर तक बह गई। तलाश करने पर रात 11 बजे सूचना मिली कि गंज में जो पुल बन रहा है, उसके पिलर को उसने थाम रखा है। लोहे के सरियों के बीच वह फंसी हुई थी। रात दो बजे बचाव कार्य शुरू हुआ, लेकिन बेतवा नदी में इतना पानी था कि बचाव के लिए नौका भी वहां पहुंच नहीं पा रही थी। तड़के करीब साढ़े चार बजे पांचवें प्रयास में बोट और पांच तैराक वहां तक पहुंचे। महिला को लाइफ जैकेट पहनाकर उसे निकाला जा रहा था, तभी तेज बहाव के कारण होमगार्ड की मोटर बोट पलट गई। पांचों जवान और महिला पानी की तेज धार में बह गए।