भोपाल से पति-पत्नी के विवाद का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक पति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी कर ली। वहीं, जब इस मामले को लेकर पत्नी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और पति से भरण-पोषण के लिए एक उचित राशि दिलाने के लिए अपील की तो पति ने अदालत में खुद को मनोरोगी बता दिया। ऐसे में अदालत ने शख्स की सच्चाई जानने के लिए मामले में काउंसलिंग कराने का आदेश दे दिया। इधर, महिला के पति ने काउंसलर शैल अवस्थी के सामने अपने मनोरोगी होने के दस्तावेज पेश कर दिए।
उसने काउंसलर से कहा कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसका खर्च माता-पिता उठाते हैं। इसलिए वह पत्नी को भरण-पोषण की राशि देने में असमर्थ है। हालांकि, अपनी रिपोर्ट में काउंसलर ने अदालत से कहा कि महिला का पति बिलकुल ठीक है। अवस्थी ने दस्तावेज देखने और शख्स के जानने वालों से बातचीत करने के बाद पाया कि शख्स को अपनी पत्नी को भरण-पोषण की राशि न देनी पड़े इसलिए उसने झूठे दस्तावेज तैयार कराए हैं।
ऐसे में कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में उन्होंने लिखा कि शख्स द्वारा पेश किए गए दस्तावेज संदिग्ध हैं, इसलिए कोर्ट संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूर कराए। अब मामला कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश आरएन चंद के यहां विचाराधीन है। भरण-पोषण के लिए अर्जी लगाने वाली महिला ने कोर्ट को बताया कि उसकी शादी को 10 साल बीते गए हैं। जनवरी 2011 में उसकी हुई थी। उसका एक बेटा भी है। पति से विवाद के चलते वह बीते पांच सालों से बच्चे के साथ मायके आकर रह रही है, लेकिन इस बीच पति और ससुराल वालों में से किसी ने भी उसकी सुध नहीं ली।
महिला ने काउंसलर को बताया कि उसे पता चला कि लॉकडाउन में पति ने दूसरी शादी कर ली है। उसके मायके वालों ने रिश्तेदारों से पता किया। इस पर जानकारी सही निकली। महिला के परिजनों ने इसका विरोध किया तो पति और ससुराल वालों ने धमकाया कि कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके बाद महिला और उसके परिजनों ने इसकी शिकायत महिला थाने में की। वहीं कोर्ट में भरण-पोषण दिए जाने के संबंध में अर्जी लगाई।
काउंसलिंग के दौरान पति ने दूसरी शादी से इंकार कर दिया। उसका कहना था कि उसके ऊपर झूठे आरोप लगाए गए हैं। पति ने काउंसलर से कहा कि वह पत्नी की वजह से मनोरोगी बन गया है। उसका इलाज दो मनोचिकित्सकों से चल रहा है। वह डिप्रेशन में रहता है। नौकरी छूट गई है। इसलिए वह भरण-पोषण करने में असमर्थ है। काउंसलर ने बताया कि उन्होंने जब महिला के पति और उसके साथ रिश्तेदारों से अलग-अलग बातचीत की तो उन्हें समझ में आया कि महिला का पति बिलकुल ठीक है।