NHM संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की महिला कर्मचारियों ने भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को राखी बांधने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को लेटर भी लिखा है। सरपंच, महापौर और महिला उद्योगपतियों से CM ने राखी बंधवाई है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले प्रदेश भर की महिला सरपंच उसके बाद महापौर, नगर निगम अध्यक्ष और उद्यमी महिलाओं से राखी बंधवाई है। अब NHM संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की महिला कर्मचारियों ने भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को राखी बांधने की इच्छा जताई है इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को लेटर भी लिखा है। मुख्य मंत्री को राखी बांधने के बाद ये एनएसएम की संविदा और आउटसोर्स महिला कर्मचारी अपनी मांग भी रखेंगी।
17 तारीख सुबह 8 बांधना चाहती है राखी
NHM संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें 17 अगस्त को सुबह 8 बजे सीएम हाउस में मुख्यमंत्री को राखी भेंट करने के लिए समय दिया जाए। संविदा महिला कर्मचारियों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री सरपंच, महापौर, नगर निगम अध्यक्ष और उद्योगपति महिलाओं से राखी बंधवा सकते हैं, तो महिला कर्मचारियों को भी राखी बांधने का मौका मिलना चाहिए। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में पूर्व में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन विगत कई वर्षों तक अल्प वेतन कार्य कर चुके संविदा सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को विभाग रिक्त पदों पर समायोजन करने की वजह शासन प्रशासन की दोहरी नीति के कारण वर्तमान में आउट सोर्स ठेका प्रथा के अधीन है।
मुख्यमंत्री को राखी बांध मांगेगी न्याय
NHM संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में प्रदेश भर के 12 हजार आउट सोर्स कर्मचारी अपनी साफ सफाई से लेकर मरीजों की देखरेख सभी महत्वपूर्ण कार्य आउटसोर्स कर्मचारियो द्वारा किया जा रहा है। शासन प्रशासन की दोहरी नीति के कारण आउटसोर्स कर्मचारियों के हक अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है। इसलिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से न्याय दिलाने की उम्मीद लेकर 17 अगस्त को सीएम हाउस में सुबह 8 बजे प्रदेश भर की स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स महिला कर्मचारियों द्वारा राखी भेंट करने के लिए समय निर्धारित कर संघ को अवगत कराया जाए जिससे संघ की लाडली बहनों द्वारा राखी भेंट करने में कोई बाधा उत्पन्न ना हो।