मध्यप्रदेश के सिवनी और सागर जिले में स्थित शीतलहर का प्रभाव रहा। जबकि खंडवा बैतूल मलाजखंड में दिन शीतल रहा। आसमान में धूप खिली रही और मौसम पूरी तरह साफ रहा। कोहरा नहीं छाने से लोगों को राहत रही। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान टीकमगढ़ में 27 डिग्री सेंटीग्रेट दर्ज किया गया। जबकि सर्वाधिक कम न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेंटीग्रेट दतिया में दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन जबलपुर संभाग के जिलों में ये सामान्य से काफी कम रहे। वहीं भोपाल नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में ये सामान्य से कम रहा। न्यूनतम तामपान में सभी संभाग के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। सभी जिलों में ये सामान्य रहा। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में मौसम मुख्यता शुष्क रहा।
22 से बादल का डेरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 22 दिसंबर से मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदलने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बादल एक बार फिर प्रदेश में अधिकांश जिलों में अपना डेरा जमाएंगे। बादलों के बीच सूरज की आवाजाही बनी रहेगी। जिसके चलते न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी और ठंड में कमी आयेगी। बादलो के छटने पर ही ठंड बढ़ेगी।
पचमढ़ी में सबसे ठंडा दिन
पचमढ़ी में दिन सबसे ठंडा रहा, यहां दिन का अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेंटीग्रेट पर पहुंच गया। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में भी दिन का पारा लुढ़क कर 23.5 पर जा पहुंचा। यहां दिन मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। सुबह जहां धूप खिली थी वहीं दोपहर में बादल छाए रहे। ठंडी हवा के बहने से ठिठुरन बढ़ गई और लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। रीवा उमरिया मंडला नोगांव और पचमढ़ी में भी रात का तापमान 7 डिग्री के आसपास बना रहा।