फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरबा पार्टनर के पैकेज पर बवाल: हिंदू संगठन ने पुलिस से मांगी जांच, पार्टनर की पहचान और वेरिफिकेशन पर उठाए सवाल

Thu, 08 Oct 2026 06:29 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में सोशल मीडिया पर गरबा के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने के कथित पैकेजों को लेकर हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन दिया है। समिति का दावा है कि 500 से 6500 रुपए तक के पैकेज प्रचारित किए जा रहे हैं। समिति ने पार्टनर उपलब्ध कराने वाली संस्था, लोगों की पहचान और पुलिस वेरिफिकेशन की जांच की मांग की है।
विज्ञापन
कमिश्वर कार्यालय पहुंचे हिंदू उत्सव समिति के लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नवरात्र के गरबा आयोजनों के बीच सोशल मीडिया पर युवाओं को गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने के नाम पर चल रहे कथित पैकेजों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने इस मामले में पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। समिति का दावा है कि सोशल मीडिया पर 500 रुपए से लेकर 6500 रुपए तक के अलग-अलग पैकेज का प्रचार किया जा रहा है। इनमें गरबा खेलने के लिए लड़का या लड़की पार्टनर उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। समिति ने सवाल उठाया है कि इन पार्टनरों की पहचान, पुलिस वेरिफिकेशन और उन्हें उपलब्ध कराने वाली संस्था के पंजीयन की जानकारी सार्वजनिक है या नहीं।
विज्ञापन


6500 रुपए के पैकेज में आपत्तिजनक दावे का आरोप
चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रचारित एक पैकेज में 6500 रुपए के बदले माथे पर चुंबन जैसी सुविधा का दावा भी किया गया है। समिति ने पुलिस से इस प्रचार की सत्यता और इसके पीछे काम कर रहे लोगों की जांच करने की मांग की है। समिति का कहना है कि पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि सोशल मीडिया पर ऐसे पैकेज कौन चला रहा है, पार्टनर उपलब्ध कराने वाले लोगों की पहचान क्या है और उनकी पृष्ठभूमि का सत्यापन किया गया है या नहीं।
विज्ञापन


500 से 6500 रुपए तक पैकेज का दावा
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर अलग-अलग अवधि और सुविधाओं के नाम पर पार्टनर उपलब्ध कराने के पैकेज बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ पोस्ट में 2 घंटे, पूरे दिन और 3 दिन तक पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। हालांकि, इन सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समिति ने इन्हीं दावों की पुलिस जांच कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें-भोपाल में नो यूपीआई डे: व्यापारियों ने क्यूआर से नहीं लिया भुगतान, बोले-16 अक्टूबर से पूरी तरह यूपीआई बंद


गरबा मां की आराधना का पर्व
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा मां की आराधना का पर्व है। उनके अनुसार धार्मिक आयोजन के नाम पर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए, जिनसे आयोजन की प्रकृति पर सवाल उठें।
विज्ञापन

उन्होंने माता-पिता से भी अपील की कि वे बच्चों को गरबा आयोजनों में भेजने से पहले आयोजन और उनके साथ जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जरूर लें। खासकर यदि किसी संस्था या व्यक्ति के माध्यम से गरबा पार्टनर उपलब्ध कराया जा रहा है तो उसकी विश्वसनीयता और पहचान की जांच करने की बात कही।

यह भी पढ़ें-शिक्षक अभ्यर्थियों का अनशन खत्म: पटवारी ने पिलाया नारियल पानी, बोले- मांग के लिए लड़ना है तो पहले जीवित रहो


पुलिस से संस्था और लोगों की जांच की मांग
ज्ञापन में समिति ने गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने वाली संस्था और उससे जुड़े लोगों की पहचान, संस्था के पंजीयन तथा पार्टनर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जांच करने की मांग की है। समिति के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। समिति ने कहा है कि गरबा आयोजनों के दौरान भी ऐसे मामलों पर नजर रखी जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में किसी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर चल रहे पैकेजों की वास्तविकता और उनके पीछे कौन लोग हैं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें