भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में भोपाल के आवारा कुत्तों और खराब सड़कों को लेकर लेकर हंगामा हो गया। परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षदों के विरोध के बावजूद भोपाल नगर निगम के भवनों की छतें किराए देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। हालांकि अगली बैठक में इसकी पूरी नियमावली पटल के सामने रखी जाएगी। तर्क है कि इससे निगम की आय बढ़ेगी। वहीं न्यू मार्केट में मल्टी लेवल पार्किंग का काम संभालने वाले अख्तर इंटर प्राइजेस का टेंडर कैंसिल किया जाएगा। मीटिंग में सीएसआर फंड से चौराहे संवरने, कमला पार्क में कॉलेज के पास फूड ओवर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
स्ट्रीट डॉग के लिए एक करोड़ का बजट कहां गया
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस पार्षद ने नसीम गफूर ने पूछा कि पिछले बजट में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। ये राशि कहां खर्च हुई? इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह ने बताया कि नगर निगम कुत्तों के लिए बाड़े का निर्माण नहीं करता। इसका पिंजरा बनता है, जो बनाए गए हैं। इस पर गफूर ने कहा कि इतनी राशि खर्च होने के बाद आवारा कुत्ते क्यों हैं? कांग्रेस पार्षद शबिस्ता जकी ने भाजपा मंडल अध्यक्ष पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। भाजपा पार्षदों ने खड़े होकर विरोध जताया।
इन पार्षदों ने किया विरोध
एमआईसी मेंबर जगदीश यादव ने निगम की संपत्ति की छत किराए से देने का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन पार्षद ब्रजला सचान के किया। इस पर कांग्रेस पार्षद मोहम्मद अजीज ने आपत्ति ली। पार्षद देवांशु कंसाना ने भी विरोध किया। कंसाना ने मांग रखी कि जोन और वार्ड कार्यालय की छत किराए पर न दी जाए। पार्षद पप्पू विलास ने भी अपनी बात रखी। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि इसमें कई पेंच हैं, इसलिए इस प्रस्ताव को लेकर जल्दबाजी ठीक नहीं।
एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने दी इस्तीफे की चेतावनी
भोजपा पार्षद और एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने कांग्रेस पार्षदों की बात का समर्थन करते हुए नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी से कहा कि आज शहर में बोट क्लब, न्यूमार्केट, 10 नंबर और एमपी नगर समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की अवैध वसूली की जा रही है। इसको लेकर मैं भी नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुका हूं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आसंदी की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि अध्यक्ष जी निगम के अधिकारी संबंधित स्थानों का मुआयना करें। यदि उन्हें उक्त स्थानों पर अवैध पार्किंग नहीं मिलती तो आज सदन में इस पर सवाल उठाने वाले जनप्रतिनिधि इस्तीफा दे देंगे। वहीं यदि इन स्थानों पर अवैध पार्किंग मिलेगी, तो फिर अधिकारियों को इस्तीफा देना होगा।
न्यूमार्केट में अख्तर इंटरप्राइजेस का टेंडर निरस्त
परिषद बैठक में कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने बताया कि न्यूमार्केट में ठेका कंपनी अख्तर इंटरप्राइजेस द्वारा पार्किंग की वसूली की जा रही है। जबकि उसका ठेका भी खत्म हो चुका है. लेकिन शहर में जोनल अधिकारियों की शह पर जगह-जगह पार्किंग की वसूली हो रही है। ऐसे में अख्तर इंटरप्राइजेस का ठेका निरस्त किया जाए। इस पर अध्यक्ष ने अधिकारियों से जांच कराने का आश्वासन दिया। लेकिन कांग्रेस और भाजपा के पार्षद अड़ गए, कि अभी सदन में संबंधित पार्किंग का ठेका निरस्त करने का प्रस्ताव लाया जाए। जिसके बाद अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव पर दोनों पक्षों की राय ली और बहुमत के आधार पर अख्तर इंटरप्राइजेस का ठेका निरस्त कर दिया।
बैठक में दो प्रस्ताव रखे गए
नगर निगम परिषद की बैठक में दो प्रस्ताव रखे गए थे। दोनों ही प्रस्तावों को बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया है। इसमें एक प्रस्ताव 10 नंबर मार्केट में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर जी-3 मल्टी लेवल पार्किंग बनाने का रखा गया था। जबकि दूसरा प्रस्ताव निगम स्वामित्व के भवन, दुकान, छत, चबूतरा और बरामदे को किराए पर देने को लेकर था।इसके तहत जो भी संपत्ति 5 बार टेंडर काल करने के बाद भी नहीं बिक रही है, उसे किसी निजी उपयोग के लिए किराए पर दिया जा सकता है। हालांकि इसके लिए 10 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। प्रत्येक 10 महीने में किराए में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकेगी।
जेएडओ कर रहे टैक्स चोरी, 13 की जगह 4 लाख वसूले
भोजन अवकाश के बाद शुरु हुई बैठक में कांग्रेस के पार्षद अजीजुद्दीन ने जोनल अधिकारियों पर टैक्स .चोरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अध्यक्ष को बताया कि एक मामले में दो जोन अधिकारियों ने निगम के टैक्स की कम वसूली की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां 13 लाख रुपये का टैक्स वसूला जाना था, जबकि अधिकारियों ने 4.77 लाख रुपये ही वसूले गए। उन्होंने अध्यक्ष से इस मामले की जांच कराने के की मांग की है। वहीं एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने दो सड़कों का नाम बदलने की मांग भी की।
इस तरह भरे जाएंगे सड़कों के गड्ढे
कांग्रेस पार्षद अशोक मारण ने पूछा कि शहर की सड़कें खस्ताहाल हैं। आगे गणेश व दुर्गा पूजन का समय आने वाला है। ऐसे में सड़कों के कारण मूर्तियां भी खंडित होंगी।वहीं जनता रोज सड़कों के गड्ढों से दो चार हो रही है। इस मामले में सत्तापक्ष बताए कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम कब शुरु होगा। इस पर महापौर मालती राय ने बताया कि हमने बजट में घोषणा की है, कि प्रत्येक वार्ड में पार्षद की अनुशंसा से सड़क, सीवेज और जलकार्य के लिए 1-1 लाख रुपये के काम कोटेशन के जरिए कराए जा सकते हैं। अभी आप लोग इस फंड से सड़कों का दुरुस्त कराएं। नगर निगम जलद ही बड़ी सड़कों की मरम्मत शुरु करेगा।
एमआईसी मेंबर का तर्क- इनकम बढ़ेगी
एमआईसी मेंबर यादव ने कहा कि हर बिल्डिंग का भौतिक सत्यापन होगा। इसके बाद ही किराए पर देंगे। एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने कहा कि नए भवन की छत किराए से देने से निगम की आय बढ़ेगी। एमआईसी मेंबर रविन्द्र यति ने कहा कि छत को शराब दुकान या गलत कामों के लिए किराए पर नहीं देंगे। अन्य शहरों में छत किराए पर दी जाती है। उनकी आर्थिक आय होती है। यह प्रस्ताव हवा में नहीं बनाया गया है। यह नगर निगम की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने और निगम की आय बढ़ाने को लेकर है।
2 जोनल अधिकारियों द्वारा वसूली करने का आरोप
एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने दो सड़कों के नामकरण की बात कही। इस पर अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कमिश्नर को आगे की कार्यवाही करने को कहा। कांग्रेस के सीनियर पार्षद मोहम्मद अजीजुद्दीन ने अवैध नल कनेक्शन और 2 जोनल अधिकारियों द्वारा कम वसूली करने का आरोप लगाया। उन्हें कहा कि 13 लाख रुपए वसूले जाने थे, लेकिन 4 लाख 77 हजार रुपए ही लिए गए। ऐसा क्यों किया गया, इसकी जांच हो। साथ ही जोनल अधिकारियों को हटाया जाए। एमआईसी मेंबर रविन्द्र यति ने दवाब बनाने वाले के नाम का खुलासा करने की बात कही। पार्षद पप्पू विलास ने कहा कि ये सिर्फ कांग्रेसियों की लड़ाई है।