मध्य प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी है। हालांकि शनिवार को राजधानी भोपाल में पूरे दिन धूप खिली रही। कुछ जिलों में बारिश भी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक नया क्षेत्र बन गया है। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मंगलवार से मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
बिजली के साथ भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार अगले 24 घंटे में सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनुपपुर अमरकंटक, डिंडोरी में होने की संभावना है। साथ ही बैतूल, छिंदवाड़ा, पेंच, मंडला, सिवनी, बालाघाट, हरदा, नर्मदापुरम में मध्यम बारिश होने की संभावना है। पचमढ़ी, बुरहानपुर, श्योपुर कलां, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, रायसेन, छतरपुर, दमोह, पन्ना, उमरिया, कटनी भोपाल, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश होगी।खंडवा ओंकारेश्वर, खरगोन महेश्वर, इंदौर, उज्जैन, धार मांडू, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नरसिंहपुर, जबलपुर भेड़ाघाट में भी बारिश हो सकती है।
21-22 अगस्त को अति भारी बारिश
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि दो पूर्वी और उत्तरी हिस्सा भीगेगा, जबकि 21-22 अगस्त को अति भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव होने से ऐसा होगा। हालांकि, इससे पहले भी प्रदेश में बारिश जारी रहेगी। शनिवार को पन्ना, सतना, अनूपपुर, देवास, बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी में बारिश हुई। मध्य भारत के कई हिस्सों में अभी बादल है। वहीं, उत्तरी बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव था। वह अब और भी प्रभावशाली होकर लो प्रेशर एरिया में बदल गया है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है।इधर प्रदेश के सभी डैमों में 80 प्रतिशत तक पानी आ चुका है। इस कारण उनके गेट खोलने पड़े हैं। इनमें कोलार, बाणसागर, कुंडालिया, बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, कलियासोत, भदभदा, केरवा समेत अन्य डैम भी शामिल हैं