मंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद गणेश सिंह और विधायक राजेंद्र सिंह
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मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित मुकुंदपुर सफेद बाघ सफारी को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह सफारी राज्य की इकलौती सफेद बाघ सफारी है, जो अब राजनीतिक खींचतान का केंद्र बन गई है। मुकुंदपुर, धौबाहट, अमीन, परसिया, आनंदगढ़ और पापरा गांवों को सतना जिले की मैहर जिले से हटाकर रीवा जिले में शामिल करने के प्रस्ताव को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के नेताओं में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मैहर के अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा अमरपाटन के राजस्व अधिकारी को भेजा गया एक पत्र वायरल हुआ। इसमें इन छह गांवों को रीवा में शामिल करने को लेकर हितधारकों से राय मांगी गई थी। मुकुंदपुर में ही 2016 में स्थापित "महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव सफेद बाघ सफारी और चिड़ियाघर" स्थित है, जिसे 1951 में रीवा में पकड़े गए सफेद बाघ की याद में बनाया गया था, जिसे सफेद बाघों की वंश परंपरा की शुरुआत माना जाता है।