राजधानी भोपाल के गौतम नगर थाना क्षेत्र स्थित आरिफ नगर में रहने वाली एक 60 वर्षीय वृद्धा की चाकुओं से गोदकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस महिला की हत्या की गई है, आरोपी उसी के घर में पनाह लिए हुए था। आरोपी खुद को महिला का गुरुभाई बताता था। गुरुबहन की हत्या करने के बाद सोमवार को आरोपी ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
दमोह के गांव वालों ने भगा दिया था
गुरुबहन का हत्यारा अपने तीन बच्चों की हत्या की सजा काटकर जेल से साल भर पहले ही छूटा था। जेल से छूटकर वह अपने दमोह जिले स्थित तेंदुखेड़ा के पास अपने पैतृक गांव गया तो गांव वालों ने हत्यारा कहकर भगा दिया। इसके बाद वह भोपाल में गुरुबहन कहलाने वाली महिला दुर्गा बाई के यहां रहने लगा। दुर्गा बाई करीब छह माह से आरोपी से मकान खाली करने के लिए कह रही थी, लेकिन वह घर छोड़कर जाने को तैयार नहीं हो रहा था। आए दिन इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी होती थी। सोमवार शाम को आरोपी ने महिला की हत्या करने के बाद ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। आरोपी ने महिला के शरीर पर चाकू से एक दर्जन से अधिक वार किए हैं।
मृतका का मायका भी दमोह का
गौतम नगर थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह ने बताया कि 50 वर्षीय महिला दुर्गा बाई पूर्वी निशातपुरा की रहने वाली थी। उसका मायका भी दमोह जिले के तेंदुखेड़ा के पास ही था, इसलिए वह आरोपी प्रीतम कुशवाह को वर्षों से जानती थी। दोनों एक ही संत के यहां प्रवचन सुनने जाते थे, इस कारण दोनों एक-दूसरे को गुरु भाई-बहन भी मानते थे। वर्षों पहले आरोपी प्रीतम कुशवाहा ने अपने ही तीन बच्चों की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
मकान साफ कराने के बहाने बुलाकर ले गया था आरोपी
थाना प्रभारी सिंह ने बताया कि दुर्गा बाई अपने पति, बेटा-बहू के साथ रहती है। पति ड्राइवरी करता है, इसलिए वह शहर से बाहर रहता है। सोमवार को दोपहर बाद प्रीतम महिला के पूर्वी निशातपुरा स्थित घर पहुंचा और कहा कि चलो आरिफ नगर कमरा साफ करना है, मैं कमरा खाली करने की तैयारी कर रहा हूं। दुर्गा बाई आरोपी प्रीतम के झांसे में आकर उसके साथ आरिफ नगर चली गई। आरिफ नगर में कमरे के अंदर ले जाकर आरोपी ने दुर्गा बाई की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपी प्रीतम महिला की हत्या करने के बाद कूछ दूरी पर ट्रेन के सामने जाकर कूद गया और आत्महत्या कर ली।