शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में पद बढ़ाने और द्वितीय काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को 26वें दिन भी जारी रहा। वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क से लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) कार्यालय तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रैली में पिछले पांच दिनों से निर्जला उपवास कर रहे ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत को ठेले पर बैठाकर शामिल किया गया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर डीपीआई पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शन के बीच एक महिला अभ्यर्थी के चक्कर खाकर गिरने की जानकारी भी सामने आई।
मांग पूरी होने तक डीपीआई से नहीं हटेंगे
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे करीब 11 महीने से पद वृद्धि और द्वितीय काउंसलिंग की मांग को लेकर अलग-अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू करने का फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा। रैली के दौरान निर्जला उपवास कर रहे नरेंद्र राजपूत ने महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र हाथ में लेकर विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार को रिक्त शिक्षक पदों को देखते हुए भर्ती का दायरा बढ़ाना चाहिए।
वर्ग-2 में 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की है। उनका कहना है कि वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में कम से कम 3 हजार पद अथवा पूरे वर्ग-2 में न्यूनतम 10 हजार पद बढ़ाए जाएं। वहीं, वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार करने की मांग है। दोनों वर्गों में द्वितीय काउंसलिंग जल्द शुरू करने की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।
5 दिन से निर्जला उपवास पर नरेंद्र
नरेंद्र राजपूत पिछले पांच दिनों से अन्न-जल त्यागकर आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार निर्जला उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है। नरेंद्र ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर अब तक गंभीरता से निर्णय नहीं लिया गया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रदेश में शिक्षकों के बड़ी संख्या में पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती में अपेक्षाकृत कम पद रखे गए हैं। उनका कहना है कि रिक्त पदों के अनुपात में भर्ती के पद बढ़ाए जाने चाहिए।
यह भी पढ़ें-भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार: 62,500 प्रतिष्ठानों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली,कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल
1.15 लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली होने का दावा
अभ्यर्थियों ने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में 2,89,005 स्वीकृत शिक्षक पदों में से 1,74,419 पदों पर ही शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि करीब 1.15 लाख पद खाली हैं। उनके मुताबिक प्रदेश के 83,514 स्कूलों में 1,968 स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है। 46,417 स्कूलों में केवल दो शिक्षक कार्यरत होने का भी दावा किया गया है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि खाली पदों पर भर्ती बढ़ाने से एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
पहले भी कई बार भोपाल में कर चुके प्रदर्शन
शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक नवंबर 2025 से जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई 2026 तक अलग-अलग चरणों में भोपाल में आंदोलन किए गए। फरवरी में कुछ अभ्यर्थियों ने मुंडन और मार्कशीट जलाकर भी विरोध जताया था। इसके बाद नीलम पार्क में लगातार आंदोलन शुरू किया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि आंदोलन लंबा खिंचने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक उनकी मुख्य मांगों पर फैसला नहीं लिया गया है।
यह भी पढ़ें-एमपी-यूपी के बीच बनेगा नया एक्सप्रेसवे: भोपाल से वाराणसी का सफर सिर्फ 8 घंटे में, 9,850 करोड़ होंगे खर्च
विपक्षी नेताओं का मिल चुका है समर्थन
आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव समेत विपक्षी नेताओं का समर्थन मिल चुका है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने पहले शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से फोन पर बात कर अनशन खत्म कराने की पहल भी की थी।
अब आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द पद वृद्धि और द्वितीय काउंसलिंग को लेकर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री निवास के घेराव जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी गई है। फिलहाल नीलम पार्क से डीपीआई तक रैली के बाद अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने के साथ दोनों वर्गों में द्वितीय काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए।