स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री से जुड़े काम को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। सरकार के निर्देश के बावजूद पटवारी इस काम को करने के लिए तैयार नहीं हैं। अब सरकार ने पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जिलों से उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और शिकायतों की जानकारी मांगी गई है। राजस्व विभाग ने सभी जिलों को एक प्रारूप भेजकर पटवारियों के खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसमें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के साथ लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जांच और प्रकरणों की जानकारी भी मांगी गई है। सरकार ने ऐसे मामलों का भी ब्योरा मांगा है, जिनमें पटवारियों की आय से अधिक संपत्ति की शिकायत या प्रकरण सामने आए हों। इसके अलावा लंबे समय से अभियोजन की मंजूरी लंबित मामलों और जांच एजेंसियों की जांच में दोषी पाए गए पटवारियों की जानकारी भी मांगी गई है। जिलों से यह भी पूछा गया है कि संबंधित मामलों में आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है।
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रजिस्ट्री के काम को लेकर नहीं बनी सहमति
स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री के काम से पटवारियों ने दूरी बना रखी है। पटवारी संघ का कहना है कि वे योजना से जुड़े काम के अलावा दूसरे राजस्व कार्य कर रहे हैं। संघ का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अभी तक इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनी है। पटवारियों की आपत्ति को दूर करने के लिए सरकार की ओर से उन्हें कुछ आश्वासन भी दिए गए थे। इनमें रजिस्ट्री के दस्तावेजों में पटवारियों के नाम नहीं लिखे जाने और विवादित मामलों की रजिस्ट्री का काम नहीं सौंपे जाने की बात शामिल थी। चार मंत्रियों की समिति ने भी पटवारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की थी। इसके बावजूद पटवारियों ने स्वामित्व योजना से जुड़े रजिस्ट्री कार्य से दूरी बनाए रखी है।
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अब पुराने प्रकरणों पर कार्रवाई की तैयारी
पटवारियों के काम नहीं करने के रुख के बाद मुख्य सचिव ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम गुरुवार से शनिवार तक करने के निर्देश दिए थे। साथ ही काम से इनकार करने वाले पटवारियों पर कार्रवाई की बात भी कही गई थी। अब सरकार ने जिलों से पुराने प्रकरणों की जानकारी मांगकर अगला कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना के काम को लेकर उनका रुख अभी नहीं बदला है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और पटवारियों के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।