पिछले साल दिसंबर महीने में लोकायुक्त छापे की जद में आए परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खास दोस्त और बिजनेस पार्टनर चेतन सिंह को भोपाल की विशेष न्यायालय ने 27 अगस्त तक के लिए जमानत दे दी है। चेतन को यह जमानत पत्नी और जुड़वां बच्चों की देखभाल के लिए मिली है। सौरभ शर्मा और अन्य आरोपियों ने भी जमात के लिए प्रयास कर चुके हैं।
लोकायुक्त छापे के बाद करोड़ों की अवैध कमाई और उसके बाद मेंडोरा में लावारिस हालत में खड़ी इनोवा कार से 52 किलोग्राम से अधिक सोना और ग्यारह करोड़ नकदी मिलने की जांच भी ईडी औरकर विभाग कर रहे हैं। हालांकि इनोवा चेतन के नाम से रजिस्टर्ड, लेकिन उसमें मिला सोना और नकदी सौरभ शर्मा की होने की बात जांच एजेंसियां कह रही हैं, लेकिन सौरभ ने सोना और नकदी उसकी होने से साफ इंकार कर चुका है।
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स्वास्थ खराब होने का दिया है हवाला
जानकारी के अनुसार चेतन सिंह गौर ने पत्नी और जुड़वां बच्चों के स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर ईडी की विशेष न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी थी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 27 अगस्त तक के लिए जमानत दी है। अदालत को बताया गया कि चेतन सिंह गौर की पत्नी ने आईपीएफ के जरिए इस साल जून महीने में एक बेटा और एक बेटी को जन्म दिया है, लेकिन उसकी मेडिकल कंडीशंस के कारण दोनों बच्चों को एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। चेतन के घर में पत्नी और दोनों जुड़वां बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है, इसलिए जमानत दी जाए। अदालत ने अस्पताल के दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद चेतन सिंह गौर को जमानत दी है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ने चेतन सिंह गौर की जमानत का विरोध यह कहते हुए किया था कि अभी कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। ऐसे में जमानत से साक्ष्यों को लेकर हेरफेर भी हो सकता है।