राजधानी भोपाल के पास सलकनपुर माता मंदिर में अक्षय तृतीया के पर्व पर बच्चे का मुंडन करने गए एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद शनिवार दोपहर को छोला विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार को जहां परिवार के पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं, हादसे में घायल छह महीने के बच्चे की भी शनिवार को मौत हो गई। अभी तक ड्राइवर समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है।
राजधानी के चौक से नगर में जब एक ही परिवार के छह लोगों को एक साथ शव यात्रा निकाली गई तो चीख पुकार मच गई। मौके पर मौजूद सभी लोगों के आंखों में आंसू दिखाई दे रहे थे। पूरा माहौल गमगीन हो गया था। हादसे में घायल मोनिका पांडेय एंबुलेंस से शमशान घाट पहुंची और पिता के अंतिम दर्शन किए। क्षेत्र में पूरी तरह से मातम पसरा हुआ है। हर शख्स गमगीन है। कॉलाेनी वासी और रिश्तेदार तक सदमे में हैं।
मासूम ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
दुर्घटना के बाद नर्मदापुरम से मौके पर पहुंची एंबुलेंस से नौ घायलों को नर्मदापुरम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें छह महीने का व्योम पांडे भी था, जिसका मुंडन हुआ था। उसके पिता मोहित और अन्य रिश्तेदार चुग्गी बाई, शिखा, ज्योति, भरत, पुष्पलता, अपर्णा, उषा को जिला अस्पताल लाया गया था। इनमें से पुष्पलता, अपर्णा और उषा ने दम तोड़ दिया। वहीं, दोपहर तीन बजे व्योम की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। व्योम को वेंटिलेटर पर रखा गया था।
अभी तक इन लोगों की हो चुकी है मौत
शारदा प्रसाद पांडेय (72), अपर्णा पांडेय (60) पत्नी शारदा प्रसाद, राजेंद्र पांडेय (70), उषा पांडेय पत्नी राजेंद्र, व्योम (6 माह) पिता मोहित, रिश्तेदार पुष्पलता अवस्थी (85)और ड्राइवर लक्ष्मी नारायण चौकसे।
यह है पूरा मामला
शुक्रवार को देवी धाम सलकनपुर से छह महीने के बच्चे का मुंडन और तुलादान कराकर लौट रहे भोपाल के परिवार की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। भैरव घाटी पर हुए हादसे में दादा-दादी समेत परिवार के छह लोगों और ड्राइवर की मौत हो गई, पांच लोग घायल हैं।
भोपाल में डीआईजी बंगला इलाके के चौकसे नगर के रहने वाले राजेंद्र पांडेय (75) का परिवार आइसक्रीम कारोबारी है। शुक्रवार को उनके छह महीने के पोते व्योम का मुंडन कराने के लिए परिवार के 10 लोग टवेरा कार से सलकनपुर गए थे। शुक्रवार शाम 6.20 बजे भैरव घाटी पर कार रेलिंग की दीवार से टकराकर पलट गई। टवेरा में पीछे बैठे बच्चे के पिता मोहित पांडेय ने बताया कि ड्राइवर घाटी के मोड़ पर गाड़ी मोड़ नहीं पाया। गाड़ी सीधे रेलिंग की दीवार से टकरा गई।