मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिछले दो दिन बहुत व्यस्त रहे हैं। दतिया के पीताम्बरा पीठ पहुंचकर उन्होंने देवी आराधना की। फिर वाराणसी के मीरजापुर में विंध्यवासिनी देवी के दर्शन किए। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा के सामने भी नमन किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात की। अब शिवराज मंगलवार को दिल्ली जा रहे हैं। उनके मंदिर दर्शनों और दिल्ली दौरे को सियासी बदलावों की आहट के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, शिवराज सरकार में चार मंत्रियों की जगह खाली है। विस्तार को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहती हैं। पार्टी ने कभी भी आधिकारिक रूप से इसके संकेत नहीं दिए हैं। इस बीच रविवार को ज्योतिरादित्य से शिवराज की मुलाकात और मंगलवार को उनके दिल्ली दौरे को लेकर फिर से अटकलें तेज हो गई हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले मुख्यमंत्री कैबिनेट और निगम-मंडलों में खाली पद भर लेंगे। हालांकि, पार्टी के नेता इन अटकलों को खारिज कर रहे हैं।
शाह के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात अहम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पहली आधिकारिक मुलाकात करेंगे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन और आरके सिंह से मुलाकात कर प्रदेश के विषय उनके सामने रखेंगे। यह तो हो गया सरकारी कामकाज। शिवराज दिल्ली जाए और सियासी बातें न हो, ऐसा कैसे संभव है। हाल ही में उन्हें पार्टी की ताकतवर इकाई संसदीय बोर्ड से बाहर किया गया है। इसके बाद पहली बार वे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने वाले हैं। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भोपाल में सीएम की वन-टू-वन मुलाकात को अहम बताया गया था। यह सब देखते हुए अटकलें लगाई जा रही है कि मध्यप्रदेश की सियासत करवट लेने वाली है। शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं।
अमित शाह ने भोपाल में नेताओं से की थी बात
पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे पर उन्होंने कई नेताओं से वन-टू-वन मुलाकात की थी। शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से अलग-अलग बातचीत की थी। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही संगठन में बदलाव की चर्चा तेज हो गई थी। ऐसे में अब शिवराज के दिल्ली दौरे को लेकर फिर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पूर्व मंत्री और विधायक दावेदार
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा नई नहीं है। विधायकों की तरफ से भी यह मांग उठती रही है। सरकार चुनाव से पहले किसी को भी नाराज नहीं रखना चाहती। इस वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार कर नाराजगी दूर करना चाहती है। दावेदारों में अजय विश्नोई, राजेंद्र शुक्ला, रामपाल सिंह, संजय पाठक, सीताशरण शर्मा, यशपाल सिंह शामिल हैं। इसके अलावा जोबट से उपचुनाव जीतने वाली आदिवासी वर्ग की सुलोचना रावत का नाम भी चर्चाओं में है।
क्षेत्रीय और जातियों का गणित साधेंगे
इस समय शिवराज मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री और सात राज्यमंत्री हैं। इसमें विंध्य क्षेत्र से सबसे कम विधायक हैं। हालांकि, गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर सरकार ने समीकरण साधने की कोशिश की है। लेकिन, सिंगरौली नगर निगम में भाजपा की हार ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि सरकार चार पदों में विंध्य, महाकौशल और मालवा को एक-एक पद दे सकती है।