चयनित शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर राजधानी के नीलम पार्क में चल रहा चयनित शिक्षकों का आंदोलन मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब पिछले पांच दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे चयनित शिक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को पुलिस ने बलपूर्वक उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी शिक्षकों में आक्रोश बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अब आंदोलन पीछे हटने वाला नहीं है।
पांच दिन से बिना पानी के बैठे थे नरेंद्र
चयनित शिक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत पदवृद्धि की मांग को लेकर नीलम पार्क में पिछले पांच दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार लगातार अनशन के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। मंगलवार को पुलिस ने नरेंद्र सिंह राजपूत को धरनास्थल से उठाया और अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने साथी शिक्षकों से बड़ी संख्या में नीलम पार्क पहुंचने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि एक शिक्षक को हटाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि इससे विरोध और तेज होगा।
जीतू पटवारी ने वीडियो कॉल पर की बात
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी नरेंद्र सिंह राजपूत से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। आंदोलनकारियों के मुताबिक पटवारी ने नरेंद्र को उनकी लड़ाई में हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। बातचीत के दौरान नरेंद्र ने उनसे धरनास्थल पर आने की अपील भी की।
एक नरेंद्र को उठा ले गए, हजारों नरेंद्र खड़े होंगे
पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि एक प्रदर्शनकारी को हटाने से बाकी शिक्षक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि "हम यहां से नहीं उठेंगे। आप एक नरेंद्र को उठा ले गए, यहां हजारों नरेंद्र खड़े होंगे। अब सभी हड़ताल करेंगे और नीलम पार्क में आंदोलन जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें-त्योहारों से पहले महंगाई का डबल अटैक: भोपाल में शक्कर 70 पार, प्याज 50 रुपए किलो, 80 तक पहुंच सकता है भाव
अब आंदोलन खत्म नहीं होगा, उग्र आंदोलन की चेतावनी
चयनित शिक्षकों ने कहा है कि उनकी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि अब यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। आप आ जाइए, यह आंदोलन उग्र होकर रहेगा।
यह भी पढ़ें-खाली प्लॉट में पानी जमा मिला तो लगेगा जुर्माना: भोपाल कलेक्टर सख्त, लापरवाह सुपरवाइजरों पर होगी कार्रवाई
पदवृद्धि को लेकर आर-पार की लड़ाई
चयनित शिक्षक वर्ग-2 और वर्ग-3 की शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयनित होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित हैं। इसी मांग को लेकर नीलम पार्क में लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा है। नरेंद्र सिंह राजपूत को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के बाद अब आंदोलनकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज हो सकता है। राजधानी में शिक्षक भर्ती का यह आंदोलन अब सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।